दो जेलकर्मी निलंबित, न्यायिक जांच शुरू
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जेल में आत्महत्या का मामला
जिला जेल मेें हत्यारोपी शिवओम की खुदकुशी के बाद जेल अधीक्षक दधि राम मौर्य ने हेड वार्डर और वार्डर को निलंबित कर दिया है। मामले की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है। पूर्व से तय कार्यक्रम में शिरकत करने बरेली पहुंचे कारागार राज्य मंत्री जय कुमार पटेल ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला जेल में भमोरा के रुद्रपुर गांव का शिवओम अगस्त 2011 से बंद था। उसके खिलाफ पत्नी कांति देवी की गला दबाकर हत्या करने का केस चल रहा है। कोर्ट में जल्द ही इस केस में फैसला होने वाला था। सोमवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे बैरक की ग्रिल से उसका शव लटकता हुआ मिला था। शव मिलने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। बंदी की खुदकशी के वक्त एसीजेएम प्रथम भी मुआयना के लिए जिला जेल में मौजूद थे। जेल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद डीएम और एसएसपी को घटनाक्रम की रिपोर्ट भेजी है।
लापरवाही का माना गया पुलिसकर्मियों को दोषी
मंगलवार को जिला जेल अधीक्षक दधि राम मौर्य ने हेड कांस्टेबल पूरनमल और सिपाही शांति स्वरूप मिश्र को लापरवाही का दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया। दोनों शिव ओम की खुदकुशी के वक्त सर्किल नंबर दो में तैनात थे। उन्हें इसलिए भी दोषी माना गया क्योंकि जब सभी बंदी खाने के लिए नीचे आ गए थे। तो गिनती में एक बंदी शिवओम कम मिलने पर भी उन्होंने जानने का प्रयास नहीं किया कि वह कहां है। जिला जेल में 12 बजे खुदकुशी के डेढ़ घंटे बाद घटनाक्रम के बारे में पता चला।