अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रशीला ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में दो लोगों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने एक दोषी को दस वर्ष व एक को सात साल की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता कौशल कुमार यादव ने की।
महोली निवासी एक ग्रामीण की पुत्री अपनी छोटी बहन के साथ 29 अगस्त 2009 की सुबह नित्यक्रिया के लिए खेत गई थी, जहां संतोष व हरिनाम ने उसका अपहरण कर लिया गया। इस मामले में अपहरण के दो दिन बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।
करीब डेढ़ माह बाद नाबालिग को दोषी संतोष के साथ बरामद किया गया। बयानों व चिकित्सीय परीक्षण से पीड़िता के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई। विवेचक ने दोनों दोषियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने दोनों को घटना का दोषी पाया। कोर्ट ने संतोष को दस वर्ष के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये के अर्थदंड तथा हरिनाम को सात वर्ष के सश्रम कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।