मोहाली में पति को मारकर सूटकेस में पैक किया
एकम सिंह ढिल्लों हत्याकांड में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया। इस हत्याकांड में अब नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा प्रॉपर्टी विवाद को लेकर है, जिसमें आरोपी सीरत ने अपने भाई को भी नहीं बख्शा। सीरत के मायके गांव अब्बल खुराना जिला मुक्तसर साहिब की पंचायत के मेंबर एसएसपी आफिस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एसएसपी कुलदीप सिंह चहल से मुलाकात की।
साथ ही बताया कि सीरत द्वारा केस में अपने भाई को झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीरत और विनय प्रताप का बीस वर्षों से कोई रिश्ता नहीं है। उसकी मां और सीरत से नहीं बनती थी। इतना ही नहीं, उनके पास सीसीटीवी फुटेज भी हैं, उससे यह साफ हो जाता है कि विनय हत्या में शामिल नहीं था।
विनय पर मां ने किया था केस
उन्होंने बताया कि विनय के पिता की मौत 1985 में हो गई थी। विनय के पिता ने अपनी विरासत पत्नी जसविंदर कौर व बेटे के नाम कर दी थी। साथ ही विनय को उत्तराधिकारी घोषित कर रखा था। इस पर विनय की मां ने 2016 में एक याचिका एडीसी फाजिल्का की अदालत में दायर की थी। साथ ही मांग की थी कि पिता ने जो अधिकार विनय को दिए थे, उन्हें वापस लिया जाए।
वहीं, विनय ने अदालत से प्रार्थना की थी कि उक्त याचिका को रद्द कर दिया जाए। जबकि एक अन्य केस एसडीएम फाजिल्का की अदालत में चल रहा है। यह केस विनय प्रताप और उसकी माता जसविंदर कौर व बहन सीरत के बीच में है।