फेसबुक पर संस्कृत भाषा का अपमान करने से संस्कृत भाषा प्रेमियों में भारी रोष है। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के एक असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अरविंद नारायण मिश्र ने एसएसपी को लिखित शिकायत करते हुए लेखक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
फेसबुक पर लिखे गए एक लेख में संस्कृत को डी ग्रेड की भाषा बताते हुए संस्कृत भाषा और संस्कृत विद्वानों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया गया है। यह लेख संस्कृत जगत में पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस लेख पर संस्कृत जगत के लोगों ने भारी आपत्ति की है।
इस लेख से आहत उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षा शास्त्री (बीएड) के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अरविंदर नारायण मिश्र ने एसएसपी मुलाकात करलेखक के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कराने की मांग है।
डा. मिश्र ने एसएसपी को दिए गए शिकायत पत्र में बताया है कि यह लेख 21 अप्रैल को फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। इस लेख पर लेेखक का नाम नहीं है। इस लेख से संस्कृत जगत के लोग अपमानित महसूस कर रहे है।
संस्कृत जगत के लोगों को कहना है कि संस्कृत भारत की सांस्कृतिक और सभ्यता की पहचान है। उत्तराखंड में संस्कृत भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्ज दिया गया है। ऐसे में संस्कृत भाषा का अपमान करने वालों का कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने इस पूरे मामले में जांच कराने के आदेश दिए है।