अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने महिला की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए दोष साबित होने पर पति सहित चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी सुनाया है। दोषियों में पति के साथ देवर-देवरानी व एक अन्य देवर शामिल है। मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया।
गांव बेगा निवासी पप्पू ने 23 अक्तूबर, 2011 को शिकायत दी थी कि उनके पड़ोस में रहने वाली फातिमा को उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने मौत के घाट उतार दिया है। महिला पर घटना की रात को उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया था। मामूली कहासुनी के बाद महिला के साथ मारपीट करने के बाद उसका गला दबा दिया गया था। महिला के शरीर पर चोट के दर्जन भर से अधिक निशान मिले थे। पप्पू ने मामले से पुलिस को अवगत कराया था। गन्नौर थाना पुलिस ने मामले में पति असद अली, उसके छोटे भाई जल्फकार, जुल्फकार की पत्नी राबिया और असद अली के दूसरे भाई मेहताब तथा परिवार के दो अन्य सदस्य अयूब व जरीना के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
दो आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बरी
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की लंबी सुनवाई के बाद बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील चुमार गर्ग की अदालत ने पति असद अली, जुल्फकार, राबिया और मेहताब को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में दो आरोपियों अयूब व जरीना को साक्ष्यों के अभाव में रिहा कर दिया गया।