क्षेत्र के करनौली बंजारन डेरा में विवाहिता से मारपीट की शिकायत पर पहुंची डायल 100 पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसमें एक सिपाही का सिर फट गया और दरोगा व एक अन्य सिपाही चुटहिल हो गए। पथराव से पुलिस जीप के शीशे भी चकनाचूर हो गए।
ग्राम पंचायत खानपुर चौबे के मजरा रामनगर बंजारन डेरा निवासी यशकुमार पुत्र राधेश्याम बंजारा ने रात करीब साढ़े दस बजे 100 नंबर पर सूचना दी कि उसकी बहन मीना देवी के ससुरालीजन कुंवरपुर करनौली बंजारन डेरा में मारपीट कर रहे हैं। सूचना पाकर पीआरवी 1652 के दरोगा अमर सिंह, कांस्टेबल वीरेंद्र प्रताप व हरदीप सिंह मौके पर पहुंचे।
इन लोगों ने आरोपी अनिल कुमार को पकड़ लिया और कोतवाली लें जाने लगे, तभी भीड़ ने पुलिस की गाड़ी के ऊपर पथराव कर दिया, जिससे जीप के शीशे चकनाचूर हो गए और एक ईंट सिपाही हरदीप के सिर पर लगीं। जिससे वह खून से लथपथ हो गया। दारोगा ने हमले की सूचना अधिकारियों को दी, जिस पर सीओ श्रीकांत प्रजापति, कोतवाल संतोष कुमार व्यास भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसी तरह पुलिस बल ने ग्रामीणों के बीच से पुलिसकर्मियों को निकाला और घायल सिपाही हरदीप को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया गया। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
हेड कांस्टेबल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
छिबरामऊ। डायल 100 के हेड कांस्टेबल अमर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 20 लोगों को नामजद करते हुए संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कुंवरपुर करनौली बंजारन डेरा निवासी अनिल कुमार पुत्र कल्लू, कल्लू पुत्र हरिवंश, नीलम, पूनम व काजल पुत्री कल्लू, कमला पत्नी कल्लू, सुनील व ओमकार पुत्रगण हरिवंश, उमेश पुत्र ब्रजपाल, पवन पुत्र जयपाल, बच्चन पुत्र झंडू, मुन्ना पुत्र बाबू, सुरेश पुत्र गुलाब सिंह, किशोरी व उत्तम पुत्र मुन्ना, महेंद्र पुत्र बाबूराम, गोपाल व ब्रजेश पुत्र महेंद्र, जयपाल व संदीप पुत्र सुरेश, जमादार पुत्र रतीराम के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं विवाहिता मीना के पिता राधेश्याम पुत्र ऊमराय ने भी उक्त 17 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
घटना को छिपाने में जुटी पुलिस
छिबरामऊ। कुंवरपुर करनौली बंजारनडेरा में पुलिस टीम पर हमले की घटना को रातभर कोतवाली पुलिस छिपाती रही, यहां तक कि अधिकारियों को भी घटना की सूचना नहीं दी गई। रात में जब पुलिस घायल सिपाही हरदीप को लेकर तिर्वा मेडिकल कालेज पहुंची तो लोगों को घटना की जानकारी हो सकी। सीओ श्रीकांत प्रजापति ने बताया कि झगड़े की सूचना पर पुलिस पहुंची थी, उसी समय ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। शीघ्र ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
पिटने के बाद गांव में पुलिस का उपद्रव
छिबरामऊ। आरोपी के पकड़ने गई पुलिस पर ग्रामीणों के हमले की सूचना पर पहुंचा फोर्स ने गांव में जमकर उपद्रव किया। पुलिस ने कई घरों की तलाशी के नाम पर जमकर उत्पात मचाया। दरवाजे न खोलने पर पुलिस ने तोड़ दिए। देर रात तक चली पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीणों की नींद उड़ी रही।
कुंवरपुर करनौली के बंजारन डेरा गांव के ग्रामीणों के मुताबिक दंपति के झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस पर उसके परिजनों ने हमला बोल दिया। सिपाहियों की सूचना पर 11 गाड़ियों से पहुंची पुलिस ने गांव में जमकर उपद्रव किया। ग्रामीणों के मुताबिक देर रात होने के बाद भी पुलिस ने ऐसा कोई मकान नहीं छोड़ा, जिसकी सघन तलाशी न ली हो। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने तलाशी के नाम पर घरों में जमकर उत्पात किया और घरेलू सामान इधर-उधर उठाकर फेंक दिया। वहीं ग्रामीणों के दरवाजा न खोलने पर कई घरों के पुलिस ने दरवाजे तक तोड़ डाले, तो कई घरों में बने मिट्टी के चूल्हों को भी तहस-नहस कर दिया। देर रात तक चले पुलिस के इस उपद्रव से ग्रामीणों की नींद उड़ गई। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
जो मिला, उसे जमकर पीटा
छिबरामऊ। पुलिस पर हमले से बौखलाए दारोगा व सिपाहियों ने आरोपियों की तलाश में रात के समय गांव में जो भी पुलिस को मिला, उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। आलम यह था कि पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं छोड़ा। पुलिस की पिटाई से महिला कुसुमा देवी (40) पत्नी मुन्ना भी घायल हो गई। पैरों पर पुलिस द्वारा मारीं गई लाठियों से वह ठीक से चल तक नहीं पा रहीं थीं। इसी तरह पुलिस ने गांव के कई लोगों को पीटा।
गांव से पलायन कर गया आरोपी परिवार
छिबरामऊ। पुलिस पर हमला बोलने के बाद मीना का आरोपी पति अनिल अपने परिजनों के साथ पुलिस बल पहुंचने से पहले ही रात में गांव से पलायन कर गया। आरोपी व उसके परिजन न मिलने से पुलिस ने अन्य ग्रामीणों को रात में काफी परेशान किया। वहीं पुलिस ने गांव से मानसिक रूप से कमजोर सुरेश सिंह पुत्र गुलाब व मिर्गी दौरे से पीड़ित बच्चन सिंह पुत्र झंडु सिंह को हिरासत में लेकर कोतवाली में बिठा दिया, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
घटना के बाद गांव में पसरा सन्नाटा
छिबरामऊ। ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से होली के त्यौहार पर भी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक इतने बड़े त्यौहार पर भी पुलिस आरोपियों की बजाय ग्रामीणों को बेवजह परेशान कर रही है, जिससे होली के त्यौहार में रंग में पुलिस भंग डाल रही है। कुंवरपुर करनौली पुलिस चौकी पर भी सन्नाटा था।