एएसपी कार्यालय के बाहर पहुंचे ग्राम सराय दयानत के ग्रामीणों ने भाजपाइयों पर सत्ता की हनक में मारपीट का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि भाजपाइयों ने पहले तो मारपीट की और फिर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। सिविल लाइन थाना पुलिस पर भी भाजपाइयों के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने एएसपी से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
कचहरी में आए ग्रामीणों ने बताया कि 21 अक्तूबर की शाम गांव में लड़के सड़क किनारे आतिशबाजी चला रहे थे। तभी एक बाइक से कुछ लोग निकले, जिनके ऊपर पटाखे की चिनगारी पड़ गई। इस पर बच्चों से उनका झगड़ा हो गया। बच्चों ने बचने के चक्कर में उनके ऊपर धूल फेंक दी थी। दोनों लोग तब तो वहां से चले गए पर बाद में लगभग पचास लोग गाड़ियों से गांव पहुंचे और लोगों से मारपीट की। वहां झाड़ियों में आग लगा दी और मकानों में तोड़फोड़ की। बाद में ये लोग चले गए। ग्रामीणों ने सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने गांव के रवि राजपूत सहित तीन नामजद व छह सात अज्ञात लोगों पर मारपीट, चेन व नगदी लूटने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करा दिया। हम ग्रामीणों ने भी रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु प्रार्थनापत्र थाने में दिया लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी। ग्रामीणों का आरोप रहा कि रिपोर्ट दर्ज कराने तथा मारपीट करने वाले भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता हैं। सत्ता की हनक में अत्याचार किया जा रहा है और पुलिस उन्हीं के दबाव में काम कर रही है। एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव ने ग्रामीणों से प्रार्थनापत्र लेकर उन्हें आश्वस्त कि या कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर रोहित राजपूत, ओमकार राजपूत, धीरज राजपूत, सुनील राजपूत, राजू राजपूत, आशा देवी, कमला देवी, मिथलेश, सीता, मीरा, ऊषा, गयारानी, कंठश्री, रामबेटी, मीना, पुष्पा, धनदेवी, चंद्रकांती, अनुसुईया, सावित्री, कलावती, पार्वती आदि मौजूद रहे।