बकेवर। थाना क्षेत्र के नगला हीरे गांव में सेवानिवृत्त पुलिस का दीवान का शव घर के अंदर चारपाई पर पड़ा मिला। मृतक की छोटी पुत्रवधू ने जेठानी पर हत्या का आरोप लगाया है। सीओ भरथना ने मौके पर जाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। मृतक एक माह पूर्व सेवानिवृत्त हुआ था।
बकेवर थाना क्षेत्र के नगला हीरे गांव में 60 वर्षीय ओम प्रकाश यादव अपने बड़े पुत्र ब्रजेश यादव व पुत्रवधू सुमन के साथ रहते थे। ओमप्रकाश पुलिस में दीवान थे। एक माह पूर्व कानपुर देहात जिले से सेवानिवृत्त होकर आए थे। ओम प्रकाश ने 31 अक्तूबर 2017 को अपनी सभी चल-अचल संपत्ति की वसीयत अपनी बड़ी पुत्रवधू सुमन के नाम कर दी थी। ओमप्रकाश यादव शनिवार को घर के अंदर बरामदे में मरे मिले।
सुबह उनकी बड़ी पुत्रवधू ने चिल्लाना शुरू किया तो आसपास के लोग एकत्र हुए। घर से करीब 50 मीटर दूर स्थित रहने वाली मृतक की छोटी पुत्रवधू संगीता पत्नी स्व. आशीष यादव भी मौके पर पहुंची और उसने जेठानी पर ससुर ओमप्रकाश की हत्या करने का आरोप लगाया तथा यूपी-100 पुलिस को हत्या की सूचना दी।
एसओ बकेवर आलोक राय फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्हाेंने इस घटना से अपने अधिकारियों को अवगत कराया। सूचना मिलते ही सीओ भरथना विकास जायसवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ आलोक राय ने बताया कि इस संबंध में कोई प्रार्थनापत्र नहीं मिला है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में मृतक के पुत्र बृजेश व उसके साले व साढू को थाने पर पूछताछ के लिए बैठा रखा है।
जमीन के लालच में तो नहीं की गई हत्या
इटावा। बकेवर थाना क्षेत्र के नगला हीरे गांव निवासी सेवानिवृत्त दीवान की संदिग्ध हालात में मौत पर उसकी छोटी बहू के अलावा रिश्तेदारों ने उनकी हत्या का आरोप लगाया है। उन का कहना है कि शुक्रवार शाम को ओम प्रकाश पूरी तरह से सही सलामत थे और उन्होंने शनिवार को अपने दोनों बेटों के नाम आधी,आधी जमीन करनेे के लिए भरथना तहसील चलने के लिए कहा था लेकिन रात मेें ही उनकी मौत होना शक पैदा करता है।
मृतक ओम प्रकाश यादव पुलिस में दीवान थे। बीते 30 अक्तूबर को वह सेवानिवृत्त हुए थे। उनके छोटे पुत्र आशीष की करीब तीन साल पहले संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। वह अपने पीछे पत्नी संगीता के अलावा पांच साल के बेटू व तीन साल के छोटू को छोड़ गया था। आशीष की मौत के बाद ओम प्रकाश ने अपनी छोटी बहू संगीता को घर से अलग कर दिया था।
वह अपने दोनों बच्चों के साथ रहती थी। मृतक के बहनोई कोमल सिंह निवासी गांसीपुर अछल्दा ने बताया कि ओम प्रकाश छोटी बहू को कुछ नहीं देते थे। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करती है। ओम प्रकाश ने सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी सारी चल-अचल संपत्ति की वसीयत बड़ी बहू सुमन के नाम दी। जब नाते रिश्तेदारोे को इसकी जानकारी हुई तो वह सब लोग छोटी बहू के पक्ष में आए और ओम प्रकाश से छोटी बहू को भी हिस्सा देने के लिए कहा।
लेकिन उनका बड़ा बेटा बृजेश व बड़ी बहू सुमन इसका विरोध कर रही थी। शुक्रवार को पूरे दिन पंचायत चली तो बाद में ओम प्रकाश दोनों बहुओं के नाम आधी-आधी जमीन का बैनामा करने के लिए तैयार हो गए। ओम प्रकाश के पास मकान के अलावा 11बीघा जमीन थी। जिसकी कीमत करीब पचास लाख के करीब है। उनका कहना था रात के समय वह गांव में दूसरे रिश्तेदार के घर पर रुक गए लेकिन रात के समय ओम प्रकाश की मौत हो जाने की खबर मिली।
उनका कहना है कि ओम प्रकाश की हत्या की गई है। शाम के समय वह पूरी तरह से ठीक थे फिर उन्हें अचानक क्या हो गया। उनका आरोप है कि जब पंचायत हो रही थी उस समय बृजेश के कुछ रिश्तेदार भी मौजूद थे। उनका कहना था कि आशीष की भी संदिग्ध हालात में मौत हुई थी।
मौत के बाद उसका शरीर नीला पड़ गया था लेकिन तब किसी ने ध्यान नहीं दिया था। यही आरोप उनके एक और रिश्तेदार सत्यवीर निवासी सहसों ने भी लगाए हैं। एसओ बकेवर आलोक राय ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।