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नाना संग आए रिश्तेदारों ने नाती को मारी गोली

Fri, 09 Nov 2018 11:56 PM IST
नाना संग आए रिश्तेदारों ने नाती को मारी गोली
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परिजनों से बात करते एएसपी बलवंत चौधरी - फोटो : amarujala
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चित्रकूट। संपत्ति को लेकर हुए विवाद में नाना के साथ आए रिश्तेदारों ने नाती को गोली मार दी। इसके बाद तीनों आरोपी बाइक से भाग निकले। गोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोग पहुंचे तो लहूलुहान पड़े युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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शुक्रवार की शाम को रैपुरा के भुजौली गांव निवासी मताई लाल उर्फ सुशील कुमार (23) पुत्र नारायण दत्त अपने घर में अकेले था। उसके भाई बहन व माता-पिता खेत की ओर गए थे। इसी बीच एक बाइक से उसका नाना कोतवाली कर्वी के गढीवा निवासी सुखराम पांडेय, मौसी का पुत्र व मौसी का दामाद उसके घर आए। अंदर घुसते ही जब देखा कि मताई लाल अकेले है तो तमंचे से गोली मार दी। गोली लगते ही वह चिल्लाकर गिर पड़ा और तीनों आरोपी बाइक से बैठकर भाग निकले।
आसपास के लोग पहले तो पटाखे की आवाज समझे लेकिन जब बाइक से तीन लोगों को तेजी से भागते देखा तो शक होने पर मताई लाल के घर के अंदर पहुंचे। वहां लहुलुहान युवक को देखकर होश उड़ गए। सभी उसे लेकर जिला अस्पताल गए। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने युवक के परिजनों व पुलिस को सूचना दे दी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही युवक ने दम तोड़ दिया। रैपुरा थानाध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि अभी किसी के नाम तहरीर नहीं मिली है और न ही कोई पकड़ा गया है। मृतक के सगे नाना व दो अन्य ने ही गोली चलाई है और यह विवाद संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुआ है। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को पकड़ा जाएगा। घटनास्थल पर अपर एसपी बलवंत चौधरी ने भी जाकर जायजा लिया और आरोपियों को पकड़ने की बात कही।
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संपत्ति के बंटवारे को लेकर एक दिन पूर्व हुआ विवाद
चित्रकूट। नाना की संपत्ति के बंटवारे को लेकर एक दिन गढीवा गंाव में विवाद हुआ था। मृतक मताई लाल उर्फ सुशील निवासी भुजौली गुरुवार को नाना के घर आया था। जहां पहले से ही उसकी मौसी का पुत्र नोनार निवासी दिनेश व एक अन्य मौजूद थे। नाना सुखराम ने संपत्ति के बंटवारे को लेकर मौसी के लड़के दिनेश को प्रमुखता देकर कहा कि वह उसके साथ रहेगा। इस पर मताई लाल ने विरोध कर कहा था कि उसे भी हिस्सा न मिला तो ठीक नहीं होगा। काफी देर तक कहा सुनी होने के बाद मताई लाल घर चला गया। इसी बात को लेकर नाना के साथ दिनेश व एक अन्य भुजौली गांव जाकर मताई लाल को समझाने गए थे। जिसमें विवाद के दौरान ही गोली मारी गई।
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