ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी (बीपीईओ) भुलत्थ की नौकरानी ने उनके घर के बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड के कारणों का अभी तक पता नहीं लगा है। घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट वगैरह भी नहीं मिला है। पुलिस ने धारा-174 के तहत कार्रवाई की है।
मृतका की पहचान सुखदेवी (20) पुत्री राम सिंह हाल निवासी वार्ड 10 नडाला मूल निवासी मुंडी रोड बेगोवाल के रुप में हुई है। चौकी प्रभारी नडाला दविंदरपाल सिंह ने बताया कि सुखदेवी नडाला की बीपीईओ रजवंत कौर की कोठी में काम करने के साथ-साथ पढ़ाई भी कर रही थी। शनिवार देर शाम जब बीपीईओ घर पहुंची तो देखा कि सुखदेवी ने बाथरूम में पंखे की हुक से दुपट्टे की सहायता से फंदा लगाया था।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस पार्टी ने शव को कपूरथला सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतका की माता नंती देवी पत्नी रामू सिंह के बयानों पर धारा 174 की कार्रवाई की है। चौकी प्रभारी ने बताया कि मृतका और उसकी छोटी बहन तीन साल से बीपीईओ के पास रह रही थी।
बीपीईओ रजवंत कौर ने ही सुखदेवी को 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करवाई और आगे कंप्यूटर एजुकेशन दिलवा रही थी। उसकी माता नंती देवी और पिता रामू सिंह बीपईओ के भाई लखविंदर सिंह के पास मुंडी रोड बेगोवाल में रह रहे हैं।
बीपीईओ रजवंत कौर को पिछले साल नेशनल अवार्ड से नवाजा था
फांसी लगाकर दी जान
फिलहाल किसी भी तरह की प्रताड़ना की बात सामने नहीं आई है। मृतका का हार्ट और विसरा जांच के लिए अमृतसर व खरड़ की सरकारी प्रयोगशालाओं में भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर ही सुसाइड के सही कारणों का पता लगेगा।
डीएसपी भुलत्थ नवनीत सिंह माहल का कहना है कि मृतका घर में थी और उसने दोपहर दो से पांच बजे के बीच में सुसाइड किया, लेकिन पुलिस को सूचना रात करीब साढ़े नौ बजे दी गई। मृतका के परिजनों के अनुसार उसके पास मोबाइल नहीं था। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है।
कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर पर भी मृतका के सहपाठियों से बात की जा रही है। बॉडी पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं है और रेप के बारे में भी पता रिपोर्ट आने पर लगेगा। बीपीईओ रजवंत कौर को पिछले साल मानव संसाधन मंत्रालय दिल्ली ने बेस्ट एडमिनिस्ट्रेेशन के लिए नेशनल अवार्ड से नवाजा था। बीपीईओ से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।