हमलावरों ने अपने लोडर से टक्कर मारकर कार पलटा दी, फिर कार सवार पांच लोगों में दो को गोली मारकर लाइसेंसी राइफल व सोने की चेन लूट ली। भागते समय पीछे लगी पुलिस पर भी तीन गोलियां दागीं और लोडर छोड़कर भाग निकले। हमले में घायल कार सवार कोटेदार ने तीन नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ तथा यूपी 100 के दरोगा राजपाल सिंह ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस के मुताबिक वारदात के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है।
जिला एटा के थाना अलीगंज के गांव किनौड़ी खेराबाद निवासी कोटेदार सुरेश चंद्र यादव, उनके भाई उरवेज यादव, थाना मेरापुर के गांव हथौड़ा निवासी आशुतोष पाठक, शेरसिंह और प्रवेश पाठक गुरुवार को किसी मुकदमे के सिलसिले में कार से फतेहगढ़ कचहरी जा रहे थे। नवाबगंज थाने के गांव वीरपुर फतनपुर के बीच भट्ठे के पास लोडर सवार हमलावरों ने पीछे से टक्कर मारी। सड़क किनारे खेत में कार के पलटते ही हमलावरों ने सुरेशचंद्र व आशुतोष को गोली मार दी। सुरेश की लाइसेंसी राइफल व सोने की चेन लूटकर हमलावर भाग निकले।
सूचना पर यूपी 100 ने पीछा किया तो हमलावरों ने पुलिस पर भी फायरिंग की और रामनगर गांव के सामने लोडर छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने घायलों को शहर के नाला मछरट्टा स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने नर्सिंगहोम में घायलों से घटना की जानकारी ली। कोटेदार सुरेश के दोनों कंधों पर व आशुतोष की बायीं कनपटी के पास छर्रे लगे हैं। दोनों की हालत खतरे के बाहर है। बाद में घायलों का लोहिया अस्पताल में मेडिकल कराया गया। यूपी 100 के दरोगा राजपाल सिंह ने अज्ञात हमलावरों व सुरेश चंद के भाई उरवेज ने किनौड़ी खेराबाद गांव के ही राजीव यादव, सुखवीर यादव और राजीव के चाचा जैथरा थाने के नेहरू नगर निवासी लाखन यादव के खिलाफ जानलेवा हमला, राइफल व चेन लूटने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि सुरेश और राजीव के बीच पेड़ काटने के विवाद में पहले भी मारपीट हो चुकी है। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि कोटेदार सुरेश चंद्र और राजीव यादव आपस में साढू हैं। दोनों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। सुरेश भी आपराधिक प्रवृत्ति का है। नवाबगंज थानाध्यक्ष रजनीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। लोडर पुलिस के कब्जे में है। उसके बारे में भी छानबीन की जा रही है।