रिश्वत लेते पकड़ा गया जेई राकेश यादव (हल्की हरी शर्ट में) तथा पीड़ित अखिलेश यादव जैकेट पहने हुए।
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कानपुर की विजिलेंस टीम ने शुक्रवार दोपहर व्यावसायिक कनेक्शन के नाम पर 27 हजार रुपये रिश्वत लेते बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) को गिरफ्तार किया है। टीम ने जेई के खिलाफ सिविल लाइन थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
चौबिया के गुलाबपुरा गांव में रहने वाले अखिलेश यादव पुत्र शिशुपाल सिंह वर्तमान में फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के अड्डा मेहराव लोहिया गैस गोदाम के पास रहते हैं। उन्होंने वेल्डिंग की दुकान खोलने के लिए बिजली के कनेक्शन के लिए विभाग में आवेदन किया था। वे पिछले कई महीनों से कनेक्शन के लिए विभाग के चक्कर लगा रहा हैं। उसका कहना है कि कनेक्शन के लिए उसके क्षेत्र के अवर अभियंता राकेश यादव ने उससे 35 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में सौदा 27 हजार रुपये में पट गया।
अखिलेश यादव ने जेई द्वारा रिश्वत मांगने की सूचना दो सप्ताह पहले विजिलेंस टीम के प्रभारी निरीक्षक शंभूनाथ त्रिपाठी को दी। इस संबंध में उसने कानपुर जाकर विजिलेंस ऑफिस में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर विजिलेंस टीम के प्रभारी निरीक्षक शंभूनाथ, टीम निरीक्षक मनीषा भदौरिया, प्रधान आरक्षी राकेश त्रिपाठी, मधु त्रिपाठी व आरक्षी अभिषेक त्रिपाठी के साथ गुरुवार को इटावा आ गए। उन्होंने अखिलेश यादव के साथ मिलकर एक योजना तैयार की। अखिलेश को जो रुपये रिश्वत के रूप में देने थे उनके नंबर पहले से ही टीम ने नोट कर लिए। हालांकि अखिलेश ने गुरुवार को ही जेई को रिश्वत लेने के लिए बुलाया, लेकिन वह टालता रहा। शुक्रवार को जेई राकेश यादव एसडी फील्ड स्थित विद्युत वितरण खंड प्रथम के कार्यालय में मौजूद था।
अखिलेश ने जेई को फोन किया तो उन्होंने कार्यालय आने को कह दिया। अखिलेश ने इसकी सूचना विजिलेंस टीम को दी। अखिलेश एसडी फील्ड के विद्युत कार्यालय पहुंचे और उन्होंने जैसे ही जेई राकेश यादव को 27 हजार रुपये दिए तभी विजिलेंस टीम ने जेई को रंगे हाथों पकड़ लिया। विजिलेंस टीम जेई को सिविल लाइन थाने ले आई। सूचना पर एसपी सिटी डॉ. रामयश सिंह भी आ गए। विजिलेंस प्रभारी निरीक्षक शंभूनाथ त्रिपाठी की तहरीर पर राकेश यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। शंभूनाथ ने बताया कि जेई राकेश यादव ने व्यावसायिक कनेक्शन के नाम पर रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई।
रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए जेई राकेश यादव देवरिया जिले के गौड़िया अनंत गांव के मूल निवासी हैं। डेढ़ साल पूर्व ही उसकी बिजली विभाग में अवर अभियंता के पद पर पहली तैनाती इटावा में हुई थी।