फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिजनों से बातचीत के लिए हनीप्रीत ने लगाई अदालत से गुहार, सात अगस्त को होगी सुनवाई

Wed, 11 Jul 2018 09:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : SELF
विज्ञापन
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की राजदार हनीप्रीत ने अपने परिजनों से बातचीत के लिए अदालत में याचिका दी है। पिछले 271 दिनों से अंबाला जेल में बंद हनीप्रीत पर 25 अगस्त, 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा मामले में देशद्रोह का आरोप है। लेकिन, अब अन्य कैदियों की तरह उसने भी अपने परिजनों से बातचीत की इच्छा जताते हुए अदालत से गुहार लगाई है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए सात अगस्त की तारीख तय की है।
विज्ञापन


डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की अदालत ने साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया तो 25 अगस्त, 2017 को पंचकूला में भड़की हिंसा में हनीप्रीत सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। हनीप्रीत की ओर से वकील ने पंचकूला की अदालत में याचिका लगाकर अन्य कैदियों की तरह रोजाना अपने परिवार के सदस्यों से 30 मिनट तक बातचीत की इजाजत मांगी है।

हनीप्रीत ने अपनी याचिका में जेल मैन्युअल का हवाला देते हुए कहा है कि मुझे भी अन्य कैदियों की तरह बातचीत का मौका मिलना चाहिए, इसके लिए भेदभाव क्यों किया जा रहा है। बचाव पक्ष ने याचिका में कहा है कि यह मेरा संवैधानिक हक है। मैं अपराधी हूं, लेकिन ऐसा तो नहीं हो सकता है कि मैं आने वाले वक्त में खाना भी न खा पाऊं। 
विज्ञापन

हरियाणा सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस याचिका का विरोध करते हुए याचिका खारिज करने की मांग की है।

फिलहाल अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा है। इससे पहले भी हनीप्रीत ने जेल प्रशासन को भी इसी तरह का पत्र लिखकर अपने परिजनों से बातचीत की इजाजत मांगी थी, लेकिन नहीं मिली।

सात अगस्त को ही आरोप तय करने को लेकर शुरू होगी बहस
 हिंसा मामले में हनीप्रीत सहित अन्य आरोपियों पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई अब सात अगस्त के लिए टल गई है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी बाद में हुई है, जिनके खिलाफ पुलिस की ओर से निचली अदालत में चार्जशीट दायर की गई है। उन आरोपियों से संबंधित मामला भी ऊपरी अदालत में आने के बाद आरोप तय करने को लेकर बहस शुरू की जाए। इस मामले में गोपाल, खैराती लाल, बलराज, राम सिंह, गुरमीत सिंह, दलजीत, भीमसेन, वेदप्रकाश, गुरमीत सिंह और रणधीर सिंह को जमानत मिल चुकी है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें