कोतवाली के एक गांव में एक किसान ने जंगल में पेड़ पर फांसी का फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। चार से पांच दिन पुराना शव होने के चलते फोरेंसिक टीम बुलाई गई। एसडीएम व तहसीलदार ने मौके पर पहुंच जांच की।
अकठोहा गांव निवासी रघुवीर पाल (50) पुत्र प्यारेलाल पांच बीघा भूमि का काश्तकार था। रघुवीर की पत्नी की करीब 25 वर्ष पहले मौत हो गई थी। तब से वह पुत्र सुरेश व बहू के साथ रहता था। सुरेश ने बताया कि उसके पिता अक्सर घर से निकल जाते थे और चार से पांच दिन में घर आते थे। इसी तरह पांच दिन पहले पिता घर से निकल गए।
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सोमवार की सुबह जब कुछ लोग अर्जुन बांध के किनारे लगे जंगल में लड़की बीनने गए तो उन्होंने शव फंदे पर लटका होने की सूचना दी। शव पुराना होने के चलते कपड़ों से पिता की पहचान हो सकी।
घटना की सूचना पर एसडीएम चरखारी मृदुल चौधरी, तहसीलदार सुबोधमणि व कोतवाली प्रभारी सतीश चंद्र शुक्ला घटनास्थल पर पहुंचे। शव सड़ जाने से अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच कराई। मृतक के पुत्र ने बताया कि पिता पर किसी भी प्रकार के कर्ज की कोई जानकारी है।
एसडीएम का कहना है कि परिजनों से जानकारी में किसी भी प्रकार के कर्ज व आर्थिक तंगहाली की कोई बात सामने नहीं आई है। फिर भी जांच कराई जा रही है। मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।