परिजन इस बार पर अड़े रहे कि कंपनी के अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने कंपनी के पांच अधिकारियों को हिरासत में लिया, तब जाकर मामला शांत हो सका।
पुलिस के अनुसार अनिल कुमार ने शुक्रवार को जहर खा लिया था, जिसे गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया गया, जहां पर कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
मृतक के भाई ने बताया कि कंपनी द्वारा प्रताड़ित करने के उद्देश्य से किए गए तबादले से अनिल मानसिक रूप से परेशान था। मृतक के भाई की मानें तो जहर खाने के बाद अनिल ने अपनी मौत का जिम्मेदार उद्योग में तैनात पांच बड़े अधिकारियों को बताया था।
उल्लेखनीय है कि बसाल स्थित कंपनी में कर्मचारियों की मांगों को लेकर काफी दिनों से हड़ताल चल रही थी। कर्मचारियों ने पिछले दो माह के लंबित वेतन को लेकर भी हड़ताल की थी।
इनॉक्स विंड कंपनी के एचआर प्रबंधक हरीश शर्मा का कहना है कि परिजनों के आरोप निराधार हैं। यह घटना दुखद है। युवक की मौत कंपनी में नहीं बल्कि घर पर हुई।
यह आरोप सही नहीं हैं कि कंपनी ने प्रताड़ित किया है। गत एक वर्ष से कंपनी के पास जब कोई काम नहीं था तो ऐसी स्थिति में भी प्रबंधन ने कर्मचारियों को बिना बुलाए घर पर वेतन दिया।
केवल 2 महीने का वेतन बकाया है, जिसे देने की प्रक्रिया प्रबंधन ने पूरी कर दी है। कंपनी की ओर से पुलिस जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। कंपनी शोक संतप्त परिवार के साथ है।