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पंजाबः युवतियों को नशे की लत लगाकर रेप करने का आरोपी बर्खास्त डीएसपी गिरफ्तार

Wed, 04 Jul 2018 09:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेमो
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महिलाओं को नशे की लत लगाने और रेप के आरोप में घिरे डीएसपी दलजीत सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार किया है । इसके बाद उन्हें मोहाली की जिला अदालत में पेश किया है। जिसके बाद उन्हें पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। आगे की पूछताछ पंजाब पुलिस करेगी। हालांकि पूरे मामले में गिरफ्तार डीएसपी दलजीत सिंह का कहना है कि, यह राजनीतिक स्टंट हैं और मुझे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
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गौरतलब है कि डीएसपी दलजीत सिंह ढिल्लों को महिलाओं को नशे की लत लगाने और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोपों में बर्खास्त कर दिया गया था । फिरोजपुर के डीएसपी दलजीत सिंह की बर्खास्तगी के आदेश मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के खंड (2) के दूसरे प्रावधान के उपखंड (बी) के तहत जारी किए।

वहीं, हेड कांस्टेबल इंद्रजीत सिंह को जालंधर के पुलिस आयुक्त द्वारा भारत के संविधान के 311 (2) (बी) पंजाब पुलिस नियम, 1934 के नियम 16.1 के तहत बर्खास्त कर दिया गया। ढिल्लो को लुधियाना की लड़की को नशे की आदत में धकेलने के आरोप के बाद 28 जून, 2018 को निलंबित कर दिया गया था, जबकि इंद्रजीत पर भी जालंधर की एक महिला द्वारा लगाए गए शारीरिक शोषण के आरोपों के बाद सितंबर 2017 को निलंबित किया गया था। जालंधर की महिला ने इंद्रजीत पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था।
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ढिल्लो के मामले की जांच करेगी एसआईटी

सांकेतिक तस्वीर
ढिल्लों का बर्खास्तगी आदेश पंजाब पुलिस अकादमी फिलौर की निदेशक आईपीएस अनिता पुंज और पीड़ित लड़की के बयान के आधार पर की गई तथ्यों की जांच के बाद जारी किया गया। ढिल्लो के खिलाफ पुलिस स्टेशन स्टेट क्त्रसइम में एफआईआर 376/376-सी आईपीसी, 22/27-ए / 27/29 एनडीपीएस अधिनियम, 1985 तिथि 2 जुलाई 2018 के तहत दर्ज कर ली गई है।

जांच में ढिल्लों को तरनतारन में नियुक्ति के दौरान अति आवंछनीय और नैतिक तौर पर भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल पाया गया और अपने पद का दुरुपयोग करने और एक लड़की से दुराचार करने व उसे नशे की दलदल में धकेलने का दोषी पाया गया। ढिल्लों के खिलाफ आगे जांच का काम स्पेशल इनवेस्टिगेटिंग टीम को सौंप दिया गया है, जिसका नेतृत्व आईजीपी क्राइम अरुणपाल सिंह कर रहे हैं। जांच टीम में एआईजी इनवेस्टिगेशन सनमीत कौर और कमांडेंट राकेश कौशल भी शामिल हैं।

इंद्रजीत पर थे यह आरोप
इंद्रजीत को बर्खास्त करने संबंधी ब्योरा देते हुए आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने कुलजीत कौर उर्फ ज्योति के रूप में पहचाने जाने वाली लड़की द्वारा शिकायतों की एक श्रृंखला के बाद सितंबर, 2017 में इंद्रजीत को निलंबित कर दिया था। हालांकि, लड़की ने हर बार अपना बयान वापस ले लिया, जिसके चलते पंजाब पुलिस को आरोपी के खिलाफ जांच करने में काफी कठिनाई भी हुई।

पुलिस आयुक्त ने अपने फैसले में माना कि आरोपी पुलिस कर्मचारी ने निरंतर दुर्व्यवहार के कारण संगठन में खुद को अप्रासंगिक साबित कर दिया था। 30 अगस्त, 2017 को कुलजीत कौर उर्फ ज्योति और पीपीएचसी इंद्रजीत सिंह के कथित विवाह के बारे में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें ज्योति ने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल ने शादी के नाम पर उसका यौन शोषण किया, उसके बाद शादी का भी जश्न मनाया लेकिन जब ज्योति ने उसकी शिकायत आला पुलिस अफसरों से की तो उनसे अपनी चमड़ी बचाने के लिए उसे नशे के दलदल में धकेल दिया।
 
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