मई 2012 में पैकोलिया के मरवटिया छपनी गांव में दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने पति को उम्रकैद और ससुर को तीन साल की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 16-16 हजार रुपये जुर्माना भी लगा है। जिसमें से पांच हजार रुपये मृतका की मां को देने का कोर्ट ने निर्देश दिया है।
शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल ने गवाहों और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पैकोलिया थाना क्षेत्र के मरवटिया छपनी निवासी पति आलोक कुमार पटेल और ससुर राम किशोर को दोषी माना है। ससुर को दहेज की मांग में तीन साल की सजा हुई है। जबकि पति दहेज हत्या व उत्पीड़न का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
कोर्ट में शासकीय अधिवक्ता राम अनुज भाष्कर ने घटना का विवरण रखा। बताया कि गोंडा जिले के खोड़ारे क्षेत्र के कूपनगर ग्रांट नगर निवासी वादी मुकदमा अनिल कुमार वर्मा ने 31 मई 2012 को पैकोलिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरी बहन मनभावती की शादी आलोक कुमार पटेल के साथ हुई थी। ससुराल के लोग दहेज की मांग और उलाहना देकर अक्सर प्रताड़ित करते थे। 29 मई की रात तीन बजे आलोक के चाचा मानिक राम ने फोन से सूचना दी कि उसकी बहन जलकर मर गई। गांवों के लोगों के साथ घटनास्थल पहुंचा। जिसकी सूचना पुलिस को दी। बताया कि पति आलोक, ससुर रामकिशोर, मानिक राम, अखिलेश, माधुरी, गुड्डी और अरविंद ने मारा पीटा और तख्त में बांध कर जला दिया। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की तरफ से वादी समेत आठ गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से झूठा फंसाए जाने की बात कही गई। मामले में पति और ससुर को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त कर दिया गया।