भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) तोतेवाल के प्रदेश प्रधान सुखबिंदर सिंह पर विदेश भेजने के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। सुखबिंदर सिंह उर्फ सुख गिल इमिग्रेशन सेंटर भी चलाता है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। मोगा के धर्मकोट के निवासी बलबिंदर सिंह अपनी बेटी को विदेश भेजने के लिए फतेह इमिग्रेशन सेंटर के संचालक सुखबिंदर सिंह उर्फ सुख गिल को 18 लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि सुख गिल ने उन्हें जाली वीजा देकर 18 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित परिवार ने एसएसपी मोगा को लिखित शिकायत दी थी। कार्रवाई न होने से परेशान परिवार ने गुरुद्वारा साहिब में जाकर आत्मदाह करने की धमकी दी। इस संबंध में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और अब आरोपी सुख गिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
बताया जा रहा है कि इससे पहले सुख गिल ने धर्मकोट के गांव पंडोरी आरिया निवासी जसविंदर सिंह से 45 लाख रुपये लेकर उसे डंकी रूट के जरिये अमेरिका भेजा था। अमेरिका से उसे डिपोर्ट कर 15 फरवरी 2025 को वापस भारत भेज दिया था। पीड़ित ने सुख गिल, उसके भाई और मां के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। 9 जुलाई 2025 को आरोपी सुख गिल के घर पर ईडी की रेड भी हुई थी।
शिकायतकर्ता बलबिंदर सिंह ने बताया कि सुखविंदर सिंह सुख गिल के साथ उसकी जान-पहचान थी। सुखविंदर सिंह का भाई तलविंदर सिंह एजेंट के रूप में विदेश भेजने का काम करता है। शिकायतकर्ता ने अपनी बेटी हरप्रीत कौर को कनाडा भेजने के लिए उक्त दोनों भाइयों को 18 लाख रुपये दिए थे। दोनों ने हरप्रीत कौर को 2 साल का वर्क परमिट दिलाने की बात कही थी।
आरोप है कि सुख गिल ने शिकायतकर्ता की बेटी को वर्क परमिट दिलाने की बजाय फर्जी वर्क परमिट दे दिया। जब परिवार ने अपने स्तर पर इसकी जांच की तो परमिट जाली निकला। बाद में आरोपी सुख गिल ने वीजिटर वीजा पर विदेश भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन उसने कोई वीजा नहीं दिलवाया।
मामला हलका विधायक तक पहुंचा जहां दोनों पक्षों में समझौता हुआ और किसान नेता ने दो किस्तों में पूरा पैसा लौटाने की बात कही, लेकिन बाद में वह मुकर गया। अब थाना धर्मकोट में पीड़ित बलबिंदर सिंह के बयान के आधार पर आरोपी किसान नेता सुख गिल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अभी वह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।