मेरठ में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की आड़ लेकर युवा बेरोजगारों को ठगने वाली कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है। निजी क्षेत्र के बैंकों और कंपनियों में ज्वाइनिंग कराने का दावा करते हुए रविवार को आबूलेन स्थित राजमहल होटल में अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। शिकायत मिलने पर सदर बाजार पुलिस और क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने छापा मारकर कंपनी की निदेशक समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गंगानगर स्थित राजेंद्रनगर निवासी ध्वनि जैन व उनके पति सुशील जैन ने भारती स्कूल फॉर स्किल नाम से कंपनी खोली थी। ध्वनि कंपनी की डायरेक्टर थी। जहां 18 से 60 साल की उम्र के पुरुष और महिलाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का हवाला देकर प्राइवेट बैंकों और कंपनियों में 100 प्रतिशत नौकरी दिलवाने का दावा किया जाता था। इसका उन्होंने सोशल साइट और विज्ञापनों के जरिये प्रचार भी किया था। रविवार सुबह 10 बजे राजमहल होटल में मेरठ, बागपत, सहारनपुर, दिल्ली समेत कई जिलों के करीब 800 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था।
ऐसे करते थे ठगी
ठगी के आरोप में पकड़े गए युवक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पुलिस के मुताबिक जनवरी 2017 में इस कंपनी ने प्रत्येक अभ्यर्थी से 1100 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लिए थे। अभ्यर्थियों को निजी बैंकों और कंपनियों में अलग-अलग पद पर नियुक्ति पत्र दे दिए जाते थे। नियुक्ति कराने से पहले प्रक्रिया के तहत कंपनी के ऑफिस बुलाकर इंटरव्यू और अन्य प्रोसेस बताकर दो-दो हजार रुपये लिए जाते थे। इसके अलावा बैंक में मैनेजर, क्लर्क व अन्य पदों पर नियुक्ति कराने का झांसा देकर रिश्वत अलग से ली जाती थी। एक अभ्यर्थी से 10 से 35 हजार रुपये तक लिए गए। लेकिन ये नियुक्ति पत्र बैंकों द्वारा फर्जी बता दिए गए।
ऐसे हुआ भंडाफोड़
ठगी के आरोप में पकड़ी गई युवतियां
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कई अभ्यर्थी जब ज्वाइनिंग लेटर लेकर एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक समेत दूसरे बैंकों या कंपनियों में पहुंचे तो इन नियुक्ति पत्रों को फर्जी बता दिया गया था। अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे को फोन कर इसकी जानकारी दी। कोतवाली के डालमपाड़ा निवासी पांच अभ्यर्थियों ने सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल एडवोकेट को इस बारे में बताया। अभ्यर्थियों ने जब कंपनी मैनेजर सुमन वाधवा से संपर्क किया तो उसने बताया कि रविवार को बैंक की छुट्टी होने के चलते होटल में इंटरव्यू कराया जा रहा है। जिस पर अभ्यर्थियों ने पुलिस से शिकायत कर इंटरव्यू के दौरान ही भंडाफोड़ करने की तैयारी कर ली थी।
25 के खिलाफ केस, नौ गिरफ्तार
ठगी के पीड़ित सदर थाने में हंगामा करते हुए
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इंस्पेक्टर सदर बाजार पंकज पंत ने बताया कि अभ्यर्थी अंकुर जौहरी की तहरीर पर डायरेक्टर ध्वनि जैन, उसके पति सुशील जैन, मैनेजर सुमन वाधवा निवासी न्यू देवपुरी टीपीनगर, दीपा निवासी गंगानगर, अनुराधा निवासी दिल्ली, संकल्प निवासी रोहतक, अमन निवासी पत्ता मोहल्ला सदर बाजार, विशाल निवासी प्रभात नगर सिविल लाइन, आयुष निवासी बकरी मोहल्ला लालकुर्ती और अन्य 25 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं में केस दर्ज हुआ है। नामजद नौ आरोपी गिरफ्तार कर लिए है, जिनको सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना बताकर ठगी करने वाले नौ लोगों को गिरफ्तार किया हैं। इनका रैकेट कहां तक फैला है, इसकी जांच साइबर सेल कर रही है। कंपनी के ऑफिस से लैपटॉप और कंप्यूटर भी बरामद हुए हैं।