छोटे भाई सौरभ श्रीवास्तव (22) की जुआ व नशेबाजी की लत से तंग आकर बड़े भाई अमित श्रीवास्तव ने उसकी कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। अमित ने खुद सीपरी बाजार थाने पहुंचकर समर्पण कर दिया। उसने बताया कि पितृ पक्ष में अंडे लाने पर उनमें विवाद हुआ था।
शनिवार देर रात सीपरी बाजार थाने का स्टाफ उस समय चौक गया जब एक 25 साल का युवक हाथ में खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा, उसके कपड़ों पर भी खून लगा था। उसने अपना नाम रसबहार कालोनी निवासी अमित श्रीवास्तव बताते हुए कहा कि वह अपने छोटे भाई सौरभ की हत्या करके आया है।
पिता की मौत के बाद हो गई नशे की आदत
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अमित ने बताया सौरभ के अलावा उसके अभिषेक और सचिन उसके भाई हैं। पिता राजकुमार श्रीवास्तव रेलवे में सीटीआई थे। 2006 में उनके निधन के बाद उनके भाई अभिषेक की नौकरी लग गई। पिता का साया उठने के कारण सौरभ गलत सोहबत में पड़ गया और जुआ और शराब के कारण वह घर में विवाद करता था। इतना कर्ज कर लिया कि भाइयों को मकान बेचकर चुकता करना पड़ा।
शनिवार रात करीब 11 बजे सौरभ घर आया और रसोई से खाना पैक कर ले गया। करीब आधा घंटे के बाद लौटकर आया। दरवाजा खोलने के साथ ही उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। वह रसोई में घुसा और अंडे उबलने लगा, तभी अमित ने पितृ पक्ष चलने के कारण अंडा लाने का विरोध किया। यह सुनकर सौरभ ने गाली-गलौज देते हुए सिलेंडर की पाइप खींचकर घर में आग लगाने का प्रयास किया और हाथापाई शुरू कर दी।
तभी अमित ने रसोई में रखा हथौड़ा उसके सिर पर मार दिया जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। सौरभ ने धमकी दी कि यदि वह बच गया तो वह उसे मार डालेगा। सौरभ की बात सुनकर अमित ने घर में रखी कुल्हाड़ी निकाली और गर्दन पर प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और सीधा थाने पहुंच गया। उनके भाई अभिषेक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मां को भी नहीं कोई गम
Murder
अमित की मां ऊषा ने बताया कि सौरभ ने घर की शांति खत्म कर दी थी। शुक्रवार रात को भी उसने अमित के गाल पर चांटा मारा था। शनिवार शाम को मेरी तबियत खराब थी, इस कारण दवा खाकर कमरे में लेट गईं थी। विवाद के दौरान कमरे से बाहर निकलीं तो अमित ने मुझे अंदर करके कमरा बाहर से बंद कर दिया था। मुझे नहीं पता कि सौरभ की हत्या कैसे हुई।