उरई। जिले में छह क्रय-विक्रय समितियों में हंगामे व तीखी झड़पों के बीची मतदान संपन्न हुआ। जहां एट, कोंच में मतदान के दौरान कई बार समर्थकों में तीखी झड़पें हुई तो वही माधौगढ़ में वोटरों को अंदर न जाने देने को लेकर दो पक्षों में भिड़े। हंगामे को देकर पुलिस ने कई बार समर्थकों खदेड़ा।
मतदान के बाद दोनों उम्मीदवारों को पांच पांच मत मिले। इसके बाद चुनाव अधिकारी ने पर्ची से चुनाव संपन्न कराया। वही जालौन में एक समिति के भेजे जाने वाले डेलीगेट के चुनाव चिन्ह न होने से जालौन क्रय विक्रय समिति का चुनाव फिलहाल रोक दिया गया है। जानकारी पर जिलाधिकारी ने सारी पत्रावली अपने कार्यालय में मंगवा लिया है। इसके साथ क्रय-विक्रय की ड्यूटी में लगे सभी चुनाव अधिकारियों के साथ जिले के सहकारिता के अधिकारियों को भी बुलाया गया है। डीएम आवास पर निर्वाचन को लेकर मंथन का दौर चल रहा है। प्रशासन ने अभी तक कोई परिणाम नहीं घोषित नहंी किया गया है। वहीं उरई में आशीष पटेल को निर्विरोध चुन लिया गया।
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जालौन क्रय-विक्रय का चुनाव फंसा
जालौन। क्रय-विक्रय सहकारी समिति में डीसीडीएफ चुनाव प्रक्रिया में बैलेट प्रपत्र में एक प्रत्याशी का चुनाव निशान न होने से अफरातफरी के बीच मतदान की प्रक्रिया बीच में ही रोक दी गई। समाचार लिखे जाने तक उक्त प्रकरण का संज्ञान लेते हुए डीएम ने सभी अभिलेख व प्रपत्र तलब किए। वहीं, प्रत्याशियों ने चारों पदों के चुनाव निरस्त करने की मांग की है।
बुधवार को क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष पद के अलावा जेडीसी बैंक, पीसीएफ डीसीडीएफ आदि संस्थाओं में भेजे जाने वाले प्रतिनिधि का भी चुनाव संपन्न होना था। समिति के अध्यक्ष के लिए दो प्रत्याशियों अन्नपूर्णा देवी व विनोद कुमार में किसी एक चुना जाना था। वहीं जेडीसी सदस्य पद के लिए मकरंद कुमार एवं संतोष कुमार के बीच मुकाबला था। पीसीएफ के लिए भगवान सिंह तथा लाजपत राय मैदान में थे। वहीं, डीसीडीएफ के लिए अनिल कुमार, आनंद कुमार, दर्शन सिंह, राजा सिंह सेंगर, राजेश कुमार, विनय कुमार, सुनील एवं संध्या देवी के बीच मुकाबला था। जिसमें समिति के सचिव सेवाराम वर्मा द्वारा चुनाव के लिए तैयार किए गए मतपत्र में संध्या देवी पत्नी ब्रजभूषण को चुनाव चिन्ह ऊंट दिया गया था।
पर मतपत्र में ऊंट चुनाव निशान नहीं दिखा। सभी उम्मीदवारों एवं उनके चुनाव चिन्हों की सूची बाहर चस्पा की गई थी। उक्त चुनाव में 11 सदस्यों को वोट देना था। चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ होने के पश्चात 9 उम्मीदवार अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। इसके बाद जब प्रत्याशी संध्या देवी वोट डालने पहुंची तो उन्हें अपना चुनाव निशान बैलेट पेपर से गायब मिला। जिसकी सूचना उन्होंने निर्वाचन अधिकारी विपिन गुप्ता एडीओ पंचायत व क्रय विक्रय सचिव सेवाराम वर्मा को दी। यह खबर जैसे ही बाहर फैली तो अफरातफरी का माहौल बन गया। इस गलती को लेकर प्रत्याशी ने चुनाव प्रक्रिया को निरस्त कराने की मांग की। मौके पर मौजूद चौकी प्रभारी विश्वनाथ सिंह यादव ने किसी तरह माहौल शांति कराया। तो वहीं, चुनाव अधिकारी ने एआर प्रेमचंद्र से बात की, उक्त जानकारी जब डीएम के संज्ञान में आई तो उन्होंने चुनाव अधिकारी समेत सभी अभिलेखों एवं प्रपत्रों को तलब किया।
वहीं, प्रत्याशियों ने चारों पदों के चुनाव निरस्त करने की मांग की है। क्रय-विक्रय समिति के चुनाव में मतपत्र से प्रत्याशी का चुनाव निशान गायब होने के चलते प्रत्याशी ने निर्वाचन अधिकारी व डीएम को पत्र प्रेषित कर चुनाव प्रक्रिया को निरस्त कराने की मांग की।
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नामांकन न करने देने का लगाया आरोप
जालौन। क्र- विक्रय समिति में नामांकन करने आए राम सिंह चुर्खी, सतीश सिंह सेंगर, श्रीमती प्रमोद सिंह, राजा भइया आदि ने बताया कि वह चुनाव में अपना नामांकन करने आए थे। वह लगभग साढ़े 11 बजे चुनाव अधिकारी के पास नामांकन जमा करने पहुंचे तो चुनाव अधिकारी ने आधार कार्ड लाने भेज दिया। जब वह कार्ड लेकर आए तो चुनाव अधिकारी ने समय समाप्त होने की बात कहते हुए उनका नामांकन पत्र जमा करने से मना कर दिया।
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उपाध्यक्ष पद पर परशुराम पाल चुने गए
कोंच। सहकारी क्रय विक्रय समिति में बुधवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर मची खींचतान के बीच अंतत: अनुरुद्ध सिंह निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए। हालांकि, इस पद पर दो और लोगों ने नामांकन किया था, पर उनके जीत के समीकरण नहीं बनने से उन्होंने अपने नाम वापस ले लिए थे। उपाध्यक्ष पद पर भी तीन लोगों ने नामांकन किए थे, जिनमें समिति के निवर्तमान अध्यक्ष हरिश्चंद्र तिवारी भी शामिल थे, पर उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया और दो लोगों राहुल कुमार व परशुराम पाल के बीच हुए मतदान में परशुराम तीन वोटों से उपाध्यक्ष चुन लिए गए। बुधवार को अध्यक्ष पद के चुनाव में अनुरुद्ध सिंह, रणजीत यादव व राहुल कुमार ने नामांकन किए थे। चूंकि अनुरुद्ध सिंह के पाले में पहले से ही जीत के आंकड़े थे सो अन्य दो प्रत्याशियों राहुल कुमार व रणजीत यादव ने अपने नाम वापस ले लिए। इस तरह अनुरुद्ध सिंह ने निर्विरोध जीत गए। उनकी जीत की घोषणा होते ही समर्थकों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।
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ये डेलीगेट जीत कर आए
कोंच। कई संस्थाओं के लिए चुन कर जाने वाले डेलीगेटों का भी चुनाव संपन्न हो गया जिसमें नेफेड दिल्ली के लिए प्रतीक रस्तोगी, कृभको दिल्ली के लिए सरनाम सिंह यादव, पीसीएफ के लिए धीरेंद्र सिंह यादव, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के लिए रागिनी पटेल, तिलहन संघ के लिए श्रीकांत तिवारी, जेडीसी बैंक के लिए श्याम किशोर सिंह, विजय सिंह, विनोद बाबू, डीसीडीएफ के लिए हुए चुनाव में गड़बड़ी के चलते चुनाव ही निरस्त कर दिया गया।