ग्राम नगरिया सरावा ग्राम निवासी सुनील कुमार पुत्र राधाकृष्ण ने बताया कि उसका भाई लक्ष्मण(20) पुत्र राधाकृष्ण गुजरात के सूरत स्थित साईं धाम सोसायटी में रहता था। वहीं पर उसके चारों भाई सुबोध कुमार, प्रदीप कुमार, कुलदीप कुमार और लक्ष्मण अलग-अलग रहते हुए काम करते हैं। लक्ष्मण के साथ ही कई लड़के भी रहते हैं। जब उन लड़कों का राशन खत्म हो गया तो वे सुबोध कुमार के पास पहुंचे और कहा कि राशन की व्यवस्था कर दीजिए, तब सुबोध ने उनसे अपने भाई लक्ष्मण के बारे में पूछा कि उन्होंने राशन की व्यवस्था क्यों नहीं की। लड़कों ने बताया कि लक्ष्मण तीन दिन से घर पर नहीं आया है। इसके बाद सुबोध ने लक्ष्मण की खोजबीन शुरू की और पुलिस को भी जानकारी दी।
पुलिस ने सुबोध को एक शव दिखाया। इसकी शिनाख्त लक्ष्मण के रूप में हुई। बताया गया कि युवक की फंदे में लटकाकर हत्या की गई थी।
पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन उसके शव को लेकर घर की ओर रवाना हो चुके थे। फरवरी में लक्ष्मण की शादी थी। लक्ष्मण 15 दिन पहले घर पर आया था और शादी के लिए दिबियापुर में एक गेस्टहाउस तय कर आया था। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों व परिवारीजनों में कोहराम मच गया। वे मृतक के शव का इंतजार कर रहे हैं।