भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर ने बुधवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर महिपाल सिंह यादव को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
रिश्वत की यह रकम एक शोध छात्र से मांगी गई थी। जिससे परेशान छात्र ने एसीबी को शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि आरोपी सहायक प्रोफेसर महिपाल यादव परिवादी छात्र के पीएचडी के गाइड हैं। परिवादी ने एसीबी से यह शिकायत दी थी कि सहायक प्रोफेसर द्वारा मेरी पीएचडी की फैलोशिप के बिल पास करने के एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग कर रहे हैं। इनमें प्रोफेसर यादव ने 10 हजार रुपए पहले ही परिवादी छात्र से ले लिए थे।
बुधवार को छात्र जब असिस्टेंट प्रोफेसर महिपाल सिंह यादव के सरकारी क्वार्टर पर पहुंचा। वहां रिश्वत की 40 हजार रुपए छात्र ने महिपाल सिंह को दी। तभी ईशारा मिलने पर एसीबी टीम भी सरकारी क्वार्टर में घुस गई। बताया जा रहा है कि इसकी भनक लगते ही असिस्टेंट प्रोफेसर महिपाल सिंह ने रिश्वत की रकम को क्वार्टर में बने बाथरुम में फेंक दिया। लेकिन एसीबी ने महिपाल सिंह के हाथ केमिकल युक्त पानी से धुलवाए तो उनके हाथ से गुलाबी रंग निकल गया। तब एसीबी ने आरोपी को गिरफ्त में ले लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।एसीबी के एडीशनल एसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि मामले में आरयू के संस्कृत विभाग का चौकीदार भी लिप्त है। जो कि शोध छात्रों से पैसा वसूल कर आगे तक पहुंचाता है। यह चौकीदार संविदा पर कार्यरत है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।