दनकौर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी कागजात से जम्मू-कश्मीर से शस्त्र लाइसेंस बनवाता था। इसके बाद बुलंदशहर की एक शस्त्र दुकान संचालक से सेटिंग कर हथियार दिलाए जाते थे। पुलिस ने मंगलवार रात दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक राइफल और दो बंदूक बरामद की। पकड़ा गया एक आरोपी बीएसएफ का जवान रह चुका है। गिरोह ने आसपास के करीब 20 से अधिक लोगों को फर्जी लाइसेंस दिलवाकर बुलंदशहर से हथियार दिलवाए।
बुधवार को सूरजपुर स्थित कार्यालय पर प्रेसवार्ता में एसपी देहात अभिषेक यादव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रबूपुरा निवासी सुरेश और धर्मवीर सिंह निवासी सिकंदराबाद (बुलंदशहर) को सलारपुर अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया। धर्मवीर के पास पुलिस ने जम्मू-कश्मीर में बनवाए फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आधार पर एक राइफल, पांच कारतूस और सुरेश के पास एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किया। धर्मवीर बीएसएफ में करीब पांच से छह वर्ष रहा था। उसने 1992 में नौकरी छोड़ दी थी।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात जम्मू में जुगेंद्र कुमार मेहरा नाम के व्यक्ति से हुई। उसने अपने सभी मिलने वालों के लिए बंदूक, राइफल, पिस्टल और रिवाल्वर का शस्त्र लाइसेंस बनवाने का ऑफर दिया। धर्मवीर ने राजू उर्फ राजकुमार, वीरपाल, जगत, सुरेंद्र, सतपाल, मुकेश, ब्रजपाल, महीपाल, संजीव कुमार और कई अन्य के फर्जी तरीके से जुगेंद्र के जरिये जम्मू-काश्मीर में फर्जी लाइसेंस बनवाए। इन लाइसेंस के आधार पर बुलंदशहर में सुभाषचंद्र आर्म्स एंड एनिमेशन डीलर के मालिक सुभाष चंद्र अग्रवाल निवासी अनूपशहर रोड से तालमेल बिठाकर राइफल-पिस्टल-बंदूकें दिलवाई। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर सुनील उर्फ सुरेंद्र एवं जगत के पास से दो डीबीबीएल गन समेत 21 कारतूस बरामद किए।
55 हजार में बनवाते थे लाइसेंस
आरोपी धर्मवीर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों से वह 55-55 हजार रुपये लेता था, जबकि जुगेंद्र मेहरा को प्रत्येक लाइसेंस के 45 हजार रुपये देकर 10 हजार अपने पास रख लेता था। पता किया जा रहा है कि जिले में ऐसे कितने फर्जी लाइसेंसधारी घूम रहे हैं।
गिरोह का जाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैला है। बुलंदशहर निवासी धर्मवीर का भाई भी इस कार्य में शामिल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में है। जम्मू-कश्मीर में चल रहे शस्त्र लाइसेंस बनाने के गिरोह को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें बनाई है। जल्द उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
- रविंद्र कुमार राठी, दनकौर थाना प्रभारी