कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस से बचने के लिए लाल पिकप पर भारतीय डाक विभाग का नाम और लोगो लगाकर हरियाणा से लाई जा रही 108 पेटी शराब को बरामद कर दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शराब की कीमत आठ लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपी रिश्ते में मामा व भांजे हैं। इनके पास से एक बाइक भी बरामद की गई है।
सीओ श्रीकांत प्रजापति ने बताया कोतवाल संतोष कुमार व्यास, स्वाट टीम प्रभारी पप्पू सिंह ठैनुआं व आबकारी निरीक्षक मुकेश प्रताप सिंह की टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान नगर के फर्रुखाबाद चौराहे पर रात करीब सवा दो बजे भारतीय डाक लिखी लाल रंग की गाड़ी को रोका, जब उसे खुलवाकर देखा तो लोग दंग रह गए। गाड़ी के अंदर ब्रांडेड कंपनी की 108 पेटी शराब भरी थी।
पुलिस ने वाहन चालक आगरा जिले के थाना बरहन, टेहू निवासी वेद प्रकाश पुत्र जवाहर सिंह व उसके मामा सौरिख थानाक्षेत्र के बहादुरपुर निवासी रानू पुत्र हरिश्चंद्र को गिरफ्तार कर लिया। वेदप्रकाश ने बताया वह हरियाणा के हिसार से शराब लादकर बिहार जा रहे थे। मामा के कहने पर उसने छिबरामऊ में बिक्री का मन बना लिया।
शराब माफिया तो कोई और है, उसे तो केवल हरियाणा से बिहार तक माल पहुंचाने के बदले 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। इससे पूर्व भी कई बार बिहार में जाकर शराब की बिक्री कर चुका है। पुलिस शराब माफिया की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है। सीओ ने बताया एसपी किरीट राठौड़ ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस से बचने के लिए किया गाड़ी का रंगरोगन
छिबरामऊ। शराब माफिया पुलिस को चकमा देने के लिए गाड़ी का लुक की बदल दिया था। पकड़ी गई गाड़ी पूरी तरह लाल रंग से रगी है और उसमें चारो तरफ भारतीय डाक व इंडियन पोस्टल के साथ डाक विभाग को लोगो भी छपा है। गाड़ी को देखने से कोई भी शख्स धोखा खा सकता है। गाड़ी पूरी तरह भारतीय डाक विभाग की नजर आ रही है। हालांकि इस गाड़ी का डाक विभाग से कोई अनुबंध नहीं है। फर्जी तरह से रंगाकर उसकी आड़ में शराब का अवैध कारोबार किया जा रहा था।
नंबर प्लेट भी फर्जी
छिबरामऊ। क्षेत्राधिकारी श्रीकांत प्रजापति ने बताया कि ब्रांडेड शराब के साथ पकड़ी गई बोलेरो पिकप गाड़ी की नंबर प्लेट भी फर्जी पाई गई है। गाड़ी के ऊपर जो प्लेट लगी है उसमें यूपी 37 टी 3874 नंबर लिखा है, जबकि उस गाड़ी में ही दूसरी प्लेट हरियाणा के नंबर की लगी है।