क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्कों और विकेटों का रोमांच तो सभी देखते हैं, लेकिन खेल के दौरान खिलाड़ियों के बीच होने वाली नोकझोंक भी कम दिलचस्प नहीं होती। क्रिकेट की भाषा में इसे 'स्लेजिंग' कहा जाता है। अक्सर गेंदबाज बल्लेबाज का ध्यान भटकाने के लिए कुछ कहता है, लेकिन कई बार मामला उल्टा पड़ जाता है और जवाब ऐसा मिलता है कि स्लेजिंग करने वाले के पास कोई जवाब नहीं होता है। क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई किस्से हैं, जो मुकाबले से ज्यादा खिलाड़ियों के मजेदार जवाबों के लिए याद किए जाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही तीन किस्से, जिनमें मैदान पर हुई जुबानी जंग ने खूब सुर्खियां बटोरीं।
सर विव रिचर्ड्स
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1. विव रिचर्ड्स को गेंद का वजन बताना पड़ा भारी
- सर विवियन रिचर्ड्स का खौफ ऐसा था कि अच्छे-अच्छे गेंदबाज उनके सामने आने से कतराते थे। एक इंग्लिश काउंटी मैच के दौरान ग्लेमोर्गन के तेज गेंदबाज ग्रेग थॉमस ने रिचर्ड्स की टांग खींचने की कोशिश की। रिचर्ड्स क्रीज पर आए और शुरुआती कुछ गेंदों पर बीट हुए। इसके बाद थॉमस ने कहा, 'विव, यह लाल रंग की गोल चीज है, इसे गेंद कहते हैं और इसका वजन 5.5 औंस होता है।'
- रिचर्ड्स ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन अगली ही गेंद पर उन्होंने ऐसा गगनचुंबी छक्का लगाया कि गेंद स्टेडियम के बाहर नदी में जा गिरी। इसके बाद रिचर्ड्स ने थॉमस की तरफ देखा, मुस्कुराए और कहा, 'गेंद का वजन और रंग तो तुम्हें पता ही है, अब जाओ और उसे बाउंड्री के बाहर से ढूंढकर लाओ।' थॉमस के लिए यह जवाब सुनना किसी करारे पलटवार से कम नहीं था।
स्टीव वॉ और गांगुली
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2. गांगुली का 'टॉस कांड', स्टीव वॉ को कराया इंतजार
- 2001 की भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज क्रिकेट इतिहास की सबसे महान सीरीज में से एक मानी जाती है। उस समय ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ अपनी 'माइंड गेम्स' और स्लेजिंग के लिए मशहूर थे। भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भी इसका जवाब अपने अंदाज में देने का फैसला किया। विशाखापत्तनम में टॉस का समय सुबह 8:30 बजे था। स्टीव वॉ पूरी तरह तैयार होकर ब्लेजर पहनकर पिच पर पहुंच गए, लेकिन गांगुली वहां नहीं थे। स्टीव वॉ धूप में खड़े होकर इंतजार करते रहे।
- गांगुली काफी देर बाद आराम से अपना ब्लेजर ढूंढते हुए पहुंचे। इस तरह उन्होंने स्टीव वॉ को इंतजार कराया और उन्हें धूप में खड़ा रहना पड़ा। गांगुली ने बाद में हंसते हुए कबूल किया था कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम के घमंड को तोड़ने और स्टीव वॉ को सबक सिखाने के लिए ऐसा कई बार किया था।
क्रिकेट के तीन अनसुने किस्से
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3. मियांदाद ने कहा 'बस ड्राइवर', मर्व ह्यूज ने दिया जवाब
- साल 1991 का एडिलेड टेस्ट। ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर इयान हीली और महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद के बीच हमेशा से छत्तीस का आंकड़ा रहा था। इसी दौरान मियांदाद क्रीज पर थे और ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मर्व ह्यूज गेंदबाजी कर रहे थे। मियांदाद ने मर्व ह्यूज को चिढ़ाने के लिए कहा, 'मर्व, तुम बहुत मोटे हो। तुम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर नहीं, बल्कि बस एक बस ड्राइवर जैसे लगते हो।'
- मर्व ह्यूज ने उस समय कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन कुछ ओवर बाद उन्होंने मियांदाद को क्लीन बोल्ड कर दिया। मियांदाद के पवेलियन की तरफ मुड़ते ही मर्व ह्यूज उनके पीछे भागे और चिल्लाए, 'टिकट प्लीज! अपनी बस की टिकट दिखाते जाओ!' इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हंसने लगे। मैदान पर हुई यह नोकझोंक क्रिकेट के मजेदार किस्सों में शामिल हो गई।