देवदत्त पड्डिकल ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच के दूसरे दिन शानदार शतक जड़कर भारत की टेस्ट टीम में नंबर-तीन स्थान के लिए अपना दावा मजबूत कर लिया। वहीं, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत और उनके बैकअप ध्रुव जुरेल अनुकूल बल्लेबाजी परिस्थितियों का फायदा उठाने में नाकाम रहे। दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने 90 ओवर में आठ विकेट पर 357 रन बना लिए थे। पड्डिकल 142 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके अलावा अनुभवी रवींद्र जडेजा ने 63 रन की जुझारू पारी खेली, जबकि मैनव सुथार ने 41 रन बनाकर प्रभावित किया।
पड्डिकल ने मौके को दोनों हाथों से भुनाया
पहली पसंद के नंबर-3 बल्लेबाज साई सुदर्शन के अंगूठे की चोट से समय पर नहीं उबर पाने के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद पड्डिकल के लिए यह मुकाबला बेहद अहम था। उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए 18 शानदार चौकों की मदद से नाबाद शतक जड़ा।
दिन की शुरुआत में ही जायसवाल दूसरी गेंद पर खाता खोले बिना आउट हो गए। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज विश्वा फर्नांडो की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह विकेट गंवा बैठे। इसके बाद केएल राहुल और पड्डिकल ने दूसरे विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी की। राहुल ने जहां पारी को संभालने में समय लिया, वहीं पड्डिकल ने अपने आकर्षक स्ट्रोक्स से दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने शुरुआत में कवर ड्राइव लगाए और इसके बाद प्वाइंट के आगे-पीछे शानदार कट शॉट खेले। तेज गेंदबाजों की छोटी गेंदों को उन्होंने बेहतरीन तरीके से पुल किया। पड्डिकल ने ऑफ स्पिनर रमेश मेंडिस की गेंद पर पुल शॉट के जरिए सिर्फ 121 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसके बाद उन्हें रिटायर होने के लिए कहा गया। उन्होंने जडेजा के साथ तीसरे विकेट के लिए 72 रन जोड़े।
पंत और जुरेल ने किया निराश
दिन का सबसे बड़ा निराशाजनक प्रदर्शन ऋषभ पंत का रहा। वह सिर्फ दो रन बनाकर आउट हुए। ऑफ स्पिनर रमेश मेंडिस की गेंद पर वह टर्न के खिलाफ लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे। उनका टॉप-एज लॉन्ग-ऑफ पर गया।
वहीं, ध्रुव जुरेल भी केवल एक रन बना सके। ऑफ स्पिन के खिलाफ उनकी तकनीकी कमजोरी एक बार फिर सामने आई। मेंडिस की गेंद पर आगे बढ़कर डिफेंस करने की कोशिश में गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर शॉर्ट स्क्वायर लेग पर पहुंची, जहां फील्डर ने दूसरे प्रयास में कैच पूरा किया।
जडेजा और सुथार ने संभाली पारी
पड्डिकल के शतक के अलावा जडेजा ने 63 रन की पारी खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की। विदेशी परिस्थितियों में मध्यक्रम के बल्लेबाज के तौर पर जडेजा की अहमियत एक बार फिर देखने को मिली। मानव सुथार ने भी 41 रन की पारी खेलकर प्रभावित किया। उन्होंने जडेजा के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 76 रन जोड़कर भारतीय पारी को संभाला। बाद में पड्डिकल दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरे और सारांश जैन (22, रिटायर्ड आउट) के साथ मिलकर चार और चौके लगाए। श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के लिए रमेश मेंडिस ने दो विकेट लिए, जबकि विश्वा फर्नांडो ने एक विकेट हासिल किया।