पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर उम्र के बजाय प्रदर्शन को प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों खिलाड़ी रन बना रहे हैं तो उनकी उम्र देखने की जरूरत नहीं। हरभजन ने लियोनेल मेसी का उदाहरण देते हुए दोनों दिग्गजों का समर्थन किया।
रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर बहस लगातार जारी है। दोनों की उम्र 30 के पार हो चुकी है और 2027 वनडे विश्व कप के समय रोहित 40 तथा कोहली 39 वर्ष के होंगे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों दिग्गज दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में खेलेंगे। पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने इस बहस में उम्र के बजाय प्रदर्शन को पैमाना बनाने की बात कही है। हरभजन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, 'जो भी खिलाड़ी हो, मेरा मानना है कि पैमाना प्रदर्शन होना चाहिए, उम्र नहीं। अगर रोहित और विराट रन बना रहे हैं तो हमें उनकी उम्र क्यों देखनी चाहिए?'
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उन्होंने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में रोहित और कोहली पर युवा खिलाड़ियों की तुलना में कहीं ज्यादा उम्मीदों का दबाव होगा। हालांकि, दोनों ने जिस तरह का आत्मविश्वास और दृढ़ता दिखाई है, उसके आधार पर हरभजन को भरोसा है कि वे अभी भी बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
'मेसी कर सकते हैं तो विराट-रोहित क्यों नहीं?'
हरभजन ने रोहित और कोहली के समर्थन में फुटबॉल सुपरस्टार लियोनल मेसी का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि अगर 39 साल की उम्र में मेसी विश्व कप जैसे बड़े मंच पर अपनी टीम को आगे ले जा सकते हैं तो रोहित और कोहली के लिए भी ऐसा करना संभव है। हरभजन ने कहा, 'अगर लियोनल मेसी ऐसा कर सकते हैं तो विराट कोहली और रोहित शर्मा क्यों नहीं कर सकते?'
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए उम्र से ज्यादा उनकी फिटनेस, प्रदर्शन और टीम को योगदान देने की क्षमता मायने रखती है। यदि दोनों दिग्गज विश्व कप तक खुद को फिट रखते हैं और टीम के लिए रन बनाते हैं, तो उन्हें उम्र के आधार पर बाहर करने का कोई मतलब नहीं है।
वैभव सूर्यवंशी को बताया 'यूनीक' खिलाड़ी
हरभजन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में दुनिया के शीर्ष गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह वैभव आक्रामक क्रिकेट खेल रहे हैं, वह उन्होंने पहले नहीं देखा। उन्होंने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी कमाल के खिलाड़ी हैं। वह एक अलग तरह के और बेहद अनोखे खिलाड़ी हैं। मैंने इससे पहले ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा, जो 14-15 साल की उम्र में दुनिया पर इस तरह हावी हो सके। जब दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उन्हें गेंदबाजी कर रहे होते हैं तो वे वास्तव में यह सोच रहे होते हैं कि उन्हें गेंद कहां डालनी है। यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।'
हरभजन ने कहा कि वैभव की उम्र को देखकर उन्हें सामान्य युवा खिलाड़ी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा, 'वैभव यह संदेश दे रहे हैं कि 15 साल का बच्चा भी ऐसा कर सकता है। उसे बच्चा मत समझिए। एक बच्चा वह कर सकता है जो बड़े लोग नहीं कर सकते।'
शुभमन गिल की कप्तानी से प्रभावित
हरभजन ने भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की भी तारीफ की। उन्होंने इंग्लैंड दौरे में गिल की कप्तानी और बल्लेबाजी को उनकी नेतृत्व क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, 'उनकी कप्तानी की असली मजबूती इंग्लैंड में दिखाई दी। वह सिर्फ एक छोटा उदाहरण था कि वह क्या कर सकते हैं। एक लीडर, कप्तान और बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने इंग्लैंड में किसी भी अन्य खिलाड़ी से ज्यादा रन बनाए। जिस तरह उनकी टीम ने वहां जीत हासिल की और टीम की मानसिकता जैसी थी, उसी वजह से मैं उन्हें बहुत ऊंचा आंकता हूं।'
हरभजन ने मोहम्मद सिराज की गेंदबाजी और पूरी टीम के रवैये की भी तारीफ की। उन्होंने गिल को शानदार क्रिकेट दिमाग वाला खिलाड़ी और अच्छा इंसान बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि उनके पास बहुत अच्छा क्रिकेट दिमाग है। वह एक शीर्ष क्रिकेटर हैं और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वह एक अच्छे इंसान हैं।'