दलीप ट्रॉफी फाइनल के दौरान मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में नजर आए। यह बीसीसीआई की हालिया समीक्षा बैठक में उनकी गैरमौजूदगी के बाद उनकी पहली सार्वजनिक मौजूदगी थी। उनकी अनुपस्थिति को लेकर अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन सचिव देवजीत सैकिया ने यात्रा और कनेक्टिविटी संबंधी कारणों का हवाला देकर स्थिति स्पष्ट की थी।
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर रविवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले को देखने पहुंचे। दक्षिण क्षेत्र और पूर्वी क्षेत्र के बीच खेले जा रहे इस मुकाबले के दौरान अगरकर स्टेडियम के कॉरपोरेट बॉक्स में अकेले बैठे नजर आए। बीसीसीआई की हालिया समीक्षा बैठक में उनकी गैरमौजूदगी के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक मौजूदगी थी। दलीप ट्रॉफी के फाइनल के पहले दिन साउथ जोन के खिलाफ ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने बेहतरीन शतक जमाया। ऐसे में अगरकर के वहां मौजूद रहने से इस बात की भी चर्चा हो रही है कि क्या ईशान को टेस्ट टीम में फिर से मौका मिलेगा। ईशान पिछली बार 2023 में टेस्ट खेले थे।
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अगरकर की मौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में हुई बीसीसीआई की एक अहम समीक्षा बैठक में उनके शामिल नहीं होने को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आई थीं। यह बैठक पिछले गुरुवार को मुंबई में बुलाई गई थी। इसमें इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ हालिया सीरीज में टीम के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ 2027 पुरुष वनडे विश्व कप के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की जानी थी।
बीसीसीआई की मीटिंग से अगरकर गायब रहे थे
- फोटो : ANI
बैठक से गैरमौजूदगी ने बढ़ाई थी अटकलें
अगरकर के बैठक में शामिल नहीं होने के बाद राष्ट्रीय चयन समिति में उनके भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि उनका अनुबंध इस महीने के अंत में समाप्त होने की संभावना है। हालांकि, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने अगरकर की गैरमौजूदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि वह पहले से तय यात्रा कार्यक्रम और कनेक्टिविटी से जुड़ी दिक्कतों के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
सैकिया ने पत्रकारों से कहा, 'वह शहर से बाहर थे। वह बैठक का हिस्सा नहीं बन सके क्योंकि यह बैठक बहुत कम समय के नोटिस पर बुलाई गई थी। हमारे चयन समिति के प्रमुख अजीत उस समय शहर में नहीं थे, इसलिए वह इसमें शामिल नहीं हो सके। वह ऐसी जगह पर थे, जहां हमारी पूरी कोशिशों के बावजूद ऑनलाइन भी बैठक में शामिल नहीं हो पाए।' इस बैठक में मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास, संयुक्त सचिव प्रभतेज सिंह भाटिया और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण शामिल हुए थे।
बीसीसीआई की मीटिंग से अगरकर गायब रहे थे
- फोटो : ANI
चयन समिति के भविष्य पर नहीं हुई चर्चा
अगरकर के अनुबंध को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठक में चयन समिति के कार्यकाल या उसके भविष्य को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य फोकस टीम के प्रदर्शन और आने वाली योजनाओं पर था।
सैकिया ने कहा, 'बैठक में ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई। चयन समिति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। हमारा पूरा ध्यान इंग्लैंड और आयरलैंड में प्रदर्शन के साथ-साथ श्रीलंका में हालिया टेस्ट सीरीज और आने वाली सीरीज में हमें क्या करना है, इस पर था। इसके अलावा विश्व कप भी हमारी अंतिम प्राथमिकता है।'
दलीप ट्रॉफी फाइनल पर अगरकर की नजर
बीसीसीआई समीक्षा बैठक से गैरमौजूदगी के कुछ दिनों बाद अगरकर का दलीप ट्रॉफी फाइनल देखने पहुंचना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आने वाले दो महीनों में भारत 'ए' के लिए ऑस्ट्रेलिया ए और न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पांच टेस्ट मुकाबले खेले जाने हैं। इन मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों की फॉर्म और फिटनेस पर चयनकर्ताओं की नजर रहेगी। दलीप ट्रॉफी भी घरेलू क्रिकेट के कई खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का अहम मंच है। फाइनल में दक्षिण क्षेत्र और पूर्वी क्षेत्र के बीच मुकाबले के दौरान अगरकर ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखी।
अगरकर के अलावा चयन समिति के अन्य सदस्य अजय रात्रा, आरपी सिंह, एसएस दास और प्रज्ञान ओझा भी दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों के दौरान बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मैदानों पर मौजूद रहे थे। इस तरह, अगरकर का चेन्नई में दलीप ट्रॉफी फाइनल देखने पहुंचना हालिया घटनाक्रम के बीच उनकी पहली सार्वजनिक मौजूदगी रही। वहीं, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया पहले ही उनकी समीक्षा बैठक से गैरमौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों पर स्पष्टीकरण दे चुके हैं।