शुभमन गिल ने शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में फाजिल्का फाल्कंस के लिए डेब्यू करते हुए 21 गेंदों पर 40 रन की तूफानी पारी खेली। फाजिल्का ने 20 ओवर में 170/9 बनाए। जवाब में लुधियाना लायंस 169/8 रन ही बना सकी और एक रन से मुकाबला हार गई।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल की बहुप्रतीक्षित एंट्री ने शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में रविवार को रोमांच भर दिया। फाजिल्का फाल्कंस की ओर से सीजन का अपना पहला मुकाबला खेल रहे गिल ने बल्ले से शानदार शुरुआत की, जबकि उनकी टीम ने अर्शदीप सिंह की कप्तानी वाली लुधियाना लायंस को महज एक रन से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की।
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गिल ने पारी की शुरुआत करते हुए महज 21 गेंदों में 40 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने फाजिल्का को तेज शुरुआत दिलाई और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों में उत्साह भर दिया। इस प्रदर्शन के लिए गिल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
गिल ने डेब्यू में मचाया धमाल, चड्ढा ने रोकी रफ्तार
लुधियाना लायंस के कप्तान और भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इसके बाद गिल ने फाजिल्का की ओर से पारी की शुरुआत की और शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने तेज गति से रन बनाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि, लुधियाना को जल्द ही कार्तिक चड्ढा के रूप में बड़ा हथियार मिल गया। चड्ढा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए फाजिल्का की रफ्तार पर ब्रेक लगाया और गिल का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में केवल नौ रन देकर चार विकेट लिए।
गिल के आउट होने के बाद फाजिल्का की पारी को संभालने की जिम्मेदारी प्रीत दत्ता और जयवीर भिंडर सिंह ने निभाई। प्रीत ने 23 गेंदों पर 36 रन बनाए, जबकि जयवीर ने 18 गेंदों पर 21 रन की पारी खेली। इन अहम योगदानों की मदद से फाजिल्का फाल्कंस ने 20 ओवर में नौ विकेट पर 170 रन का स्कोर खड़ा किया।
लुधियाना लायंस को जीत के लिए 171 रन बनाने थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम को फाजिल्का के गेंदबाजों ने शुरुआती दौर में लगातार झटके दिए। विकेट गिरने के कारण लुधियाना की रन गति पर दबाव बढ़ता गया। कार्तिक शर्मा ने पारी को संभालने की कोशिश की और 29 गेंदों पर 32 रन बनाए, लेकिन लुधियाना लगातार विकेट गंवाती रही।
आखिरी ओवर में बढ़ी धड़कनें, एक रन से चूक गई लुधियाना
लुधियाना की पारी एक समय मुश्किल में नजर आ रही थी, लेकिन कृष्ण भगत और माधव पथानिया ने मुकाबले का रुख बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने फाजिल्का के गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोलते हुए महज 29 गेंदों में नाबाद 61 रन की साझेदारी कर दी। माधव पथानिया ने सिर्फ 16 गेंदों पर नाबाद 37 रन बनाए, जबकि कृष्ण भगत 23 गेंदों पर 28 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों की आक्रामक बल्लेबाजी ने लुधियाना को दोबारा मुकाबले में ला खड़ा किया और आखिरी ओवर में जीत की उम्मीद जगा दी।
लुधियाना को अंतिम छह गेंदों पर 19 रन की जरूरत थी। मुकाबला आखिरी गेंद तक पहुंच गया। लायंस के पास अंतिम गेंद पर जीत हासिल करने का मौका था, लेकिन छह रन की जरूरत के बावजूद पथानिया केवल चौका ही लगा सके। इस तरह लुधियाना की टीम जीत से एक रन दूर रह गई। फाजिल्का फाल्कंस ने 170 रन के स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए एक रन से रोमांचक जीत दर्ज की। मुकाबले में गिल की विस्फोटक शुरुआत से लेकर आखिरी गेंद तक चले रोमांच ने दर्शकों को बांधे रखा। सीजन के अपने पहले ही मुकाबले में 40 रन की पारी खेलने वाले गिल को उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।