पहले हां फिर ना और फिर से हां। जी हां जिम्बाब्वे ने पाकिस्तान में क्रिकेट सीरीज पर आतंकी हमले के बाद किनारा कर दिया था। लेकिन पाक क्रिकेट बोर्ड अपनी ओर से अड़ा रहा।
नतीजन जिम्बाब्वे क्रिकेट ने पाक के आगे घुटने टेक दिए है और वह पाक में क्रिकेट सीरीज पर तैयार भी हो गया है। यह जानकारी शुक्रवार शाम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से दी गई।
शुक्रवार को पीसीबी ने कहा कि जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम का दौरा पूर्ववर्ती कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेगा। दौरे को लेकर एक दिन पहले गफलत की स्थिति हो गई थी जब जिम्बाब्वे ने कराची में हुए आतंकी हमले में 43 लोगों की हत्या के बाद बदले हालात में सुरक्षा कारणों से दौरा रद्द करने की घोषणा की।
बोर्ड ने आगे कहा कि लाहौर में जहां मैच खेले जाने हैं वहां पाक सरकार की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतेजाम किए गए है। जिसके चलते लगभग आधा घंटे बाद ही बयान बदलते हुए दौरे पर पुनर्विचार की बात कही।
पीसीबी के चेयरमैन शहरयार ने अनुसार, "क्रिकेट जिम्बाब्वे के चेयरमैन विल्सन मैनसे ने बृहस्पतिवार से मुझे तीन बार फोन करके इस बात की पुष्टि की है कि टीम पाक का दौरा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही करेगी।" जिम्बाब्वे की टीम 19 मई को पाक पहुंचेगी और लाहौर में दो टी-20 और तीन वनडे मैच खेलेगी।
सुनने में आया है कि विदेश मंत्रालय के जरिए पाक ने जिम्बाब्वे बोर्ड पर दवाब बनाया और क्रिकेट सीरीज पर हामी करवाई। इसके लिए जिम्बाब्वे के कोच वाटमोर से मामले की पैरवी कराई गई।
जिम्बाब्वे मूल के वाटमोर 2012 से 2014 तक पाक टीम के कोच रह चुके है। इस मामले में लाहौर में उच्च स्तरीय सुरक्षा का भी वादा किया गया है।
दरअसल, इस मामले में पाक बोर्ड की ओर से यह दुहाई दी गई कि उनका मकसद मुनाफा नहीं पाक में क्रिकेट सीरीज करवाकर यह साबित करना है कि यह क्रिकेट से लिए सुरक्षित स्थान है।