घरेलू मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ मिली लगातार दूसरी टेस्ट पराजय ने आखिरकार बीसीसीआई के चयनकर्ताओं को जागने पर मजबूर कर दिया और उन्होंने जहीर खान, हरभजन सिंह और युवराज सिंह जैसे सीनियर क्रिकेटरों को टीम इंडिया से बाहर का दरवाजा दिखा दिया।
चयनकर्ताओं ने 13 दिसंबर से शुरू होने वाले चौथे और आखिरी नागपुर टेस्ट के लिए रविवार को टीम की घोषणा की, जिसमें लेग स्पिनर पीयूष चावला, तेज गेंदबाज परविंदर अवाना और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को जगह दी गई। इन बदलावोंबावजूद चयनकर्ता कोई ‘साहसी’ फैसला लेते नहीं दिखे। तीसरे टेस्ट में खेलने वाले जहीर और युवराज के अलावा कोई बड़ा बदलाव टीम में नहीं है।
कोलकाता टेस्ट के बाद भले ही कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि हार के लिए बल्लेबाज जिम्मेदार हैं, चयनकर्ताओं ने सिर्फ युवराज जैसे आसान शिकार को ‘आउट’ किया। सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और विराट कोहली जैसे बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारी न निभाने के बावजूद टीम में बने हैं। इसी तरह औसत से कम प्रदर्शन करने वाले आर अश्विन और प्रज्ञान ओझा भी जगह बनाए रखने में कामयाब रहे।
जानकारों के अनुसार कोलकाता में 91 रनों की पारी खेल कर अश्विन टीम में जगह बचा पाए। मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल के नेतृत्व वाली चयन समिति की बैठक के बाद बीसीसीआई के सचिव संजय जगदाले ने कहा, ‘टीम के हारने पर कोई खुश नहीं होता। हम इस मामले को देख रहे हैं और कोई रास्ता जरूर निकालेंगे।’ सूत्रों का कहना है कि टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं ने कड़ी चेतावनी दी गई है और धोनी से कहा गया है कि नकारात्मक परिणाम आने पर नागपुर टेस्ट कप्तान के रूप में उनका आखिरी मैच हो सकता है।
चयनकर्ताओं ने रविवार को ही पुणे (20 दिसंबर) और मुंबई (22 दिसंबर) में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दो टी20 मैचों के लिए भी भारतीय टीम की घोषणा की। इस टीम में यूपी के ऑल-राउंडर भुवनेश्वर कुमार और अवाना दो नए चेहरे हैं। अवाना बीते दो सीजन में घरेलू क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले टॉप तीन गेंदबाजों में हैं। वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान टी20 मैचों में नहीं खेलेंगे। बोर्ड ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने टी20 के लिए खुद को अनुपलब्ध बताया था।
टेस्ट टीम में रवींद्र जडेजा के आने पर सबकी निगाहें हैं क्योंकि वे घरेलू क्रिकेट सीजन में इस साल दो तिहरे शतक जमा चुके हैं। मध्यक्रम को मजबूती देने में वह अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं जहीर की अनुपस्थिति में अशोक डिंडा या अवाना नागपुर टेस्ट में खेलेंगे। हालांकि इशांत शर्मा के भी प्लेइंग इलेवन में रहने की गारंटी नहीं है। ऐसे में भारत का तेज आक्रमण नागपुर में कैसा होगा, इसकी तस्वीर अस्पष्ट है।
टेस्ट टीम
महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रवींद्र जडेजा, चेतेश्वर पुजारा, आर अश्विन, अशोक डिंडा, प्रज्ञान ओझा, अजिंक्य रहाणे, पीयूष चावला, इशांत शर्मा, मुरली विजय और परविंदर अवाना।
ट्वंटी-20 टीम
धोनी (कप्तान), गौतम गंभीर, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, रोहित शर्मा, सुरेश रैना, युवराज सिंह, मनोज तिवारी, आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, पीयूष चावला, अशोक डिंडा, भुवनेश्वर कुमार, लक्ष्मीपति बालाजी और परविंदर अवाना।
आए हैं मैदान में
- परविंदर अवाना : इस रणजी सत्र में पांच मैचों में 21.57 की औसत से 21 विकेट। कर्नाटक के खिलाफ शनिवार को पांच विकेट चटकाए।
- रवींद्र जडेजा : इस सत्र में दो तिहरे शतक जड़े। पांच मैचों में 121 के औसत से सर्वाधिक 726 रन हैं। 18 विकेट भी झटके।
- पीयूष चावला : इस रणजी सत्र नौ विकेट चटकाए।
क्यों हुए बाहर
- जहीर खान : वर्तमान सीरीज में 3 टेस्ट मैच : 4 विकेट
- हरभजन सिंह : 1 टेस्ट मैच : 2 विकेट
- युवराज सिंह : 3 टेस्ट मैज : 125 रन
बढ़ा दिल्ली का दबदबा
परविंदर अवाना के नागपुर टेस्ट टीम में शामिल होते ही टीम इंडिया में पांच खिलाड़ी दिल्ली के हो गए हैं। एक समय था मुंबई के पांच से छह खिलाड़ी भारतीय टीम में हुआ करते थे लेकिन अब टीम इंडिया में दिल्ली का दबदबा बन गया है।
इससे पहले तक वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, विराट कोहली और इशांत शर्मा दिल्ली से थे। अब मुंबई के केवल दो खिलाड़ी (सचिन तेंदुलकर और अजिंक्य रहाणे) हैं। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी झारखंड तेज गेंदबाज अशोक डिंडा बंगाल के हैं। पीयूष चावला उतर प्रदेश के हैं। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और चेतेश्वर पुजारा सौराष्ट्र के हैं। आर अश्वि और ओपनर मुरली विजय तमिलनाडु के हैं जबकि प्रज्ञान ओझा हैदराबाद की तरफ से खेलते हैं।
-जहीर के हटाए जाने की उम्मीद थी लेकिन युवराज और हरभजन बलि के बकरे बनाए गए हैं। हरभजन ने मुंबई टेस्ट में 20 से अधिक ओवर फेंक कर दो विकेट लिए थे। मुंबई की हार सबकी मिली-जुली जिम्मेदारी थी। युवराज ने भी तीस से ज्यादा रन बनाए। अगर आप इन खिलाड़ियों को हटाते हैं तो उन्हें भी हटाइए जिनका प्रदर्शन खराब रहा। युवराज और हरभजन आसान शिकार थे।
- सुनील गावस्कर