टी20 विश्व विजेता टीम का हिस्सा रहे भारतीय अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इंग्लैंड की लीग काउंटी क्रिकेट में अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रहे हैं। चहल ने इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन दो मैच में नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेलते हुए पांच विकेट झटके। चहल ने डर्बीशायर के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के दम पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खास उपलब्धि हासिल कर ली है।
चहल ने प्रथम श्रेणी में पूरे किए 100 विकेट
चहल ने डर्बीशायर के बल्लेबाजों को जमकर परेशान किया और 45 रन देकर पांच विकेट लिए। चहल ने इस दौरान वेन मैडसेन, एन्यूरिन डोनाल्ड, जैक चैपल, एलेक्स थॉमसन और जैक मॉर्ले के विकेट चटकाए। इस तरह भारतीय टीम के इस अनुभवी स्पिनर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तीसरी बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। वहीं, उन्होंने विकेटों का शतक भी पूरा कर लिया क्योंकि अब प्रथण श्रेणी में चहल के नाम 100 विकेट हो गए हैं।
भारत के लिए नहीं खेला है टेस्ट
चहल ने भारत के लिए अब तक टेस्ट नहीं खेला है। वह हालांकि काउंटी चैंपियनशिप से लाल गेंद के क्रिकेट में खुद को ढालने की कोशिश कर रहे हैं। चहल के 11 अक्तूबर से शुरू हो रही रणजी ट्रॉफी में हरियाणा के लिए खेलने की उम्मीद है।
चहल के लिए अच्छा रहा सत्र, शॉ विफल
चहल के लिए काउंटी क्रिकेट का यह सत्र शानदार रहा है। इस लेग स्पिनर ने पिछले महीने वनडे कप में केंट के खिलाफ 14 रन देकर पांच विकेट लिए थे। नॉर्थम्पटनशायर ने मौजूदा मैच की पहली पारी में 219 रन बनाने के बाद चहल और रॉब केओघ (65 रन पर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी से डर्बीशायर को 61.3 ओवर में 165 रन पर आउट कर दिया। एक तरफ जहां चहल ने अपना प्रभाव छोड़ा, वहीं भारतीय टीम के बल्लेबाज और चहल के साथी खिलाड़ी पृथ्वी शॉ का खराब प्रदर्शन यहां भी जारी रहा। उन्होंने मैच की दोनों पारियों में चार और दो रन बनाए। शॉ अपनी पिछली तीन प्रथम श्रेणी पारियों में भी 50 का आंकड़ा पार करने में असफल रहे हैं।
शॉ का खराब प्रदर्शन चिंता का विषय
एक समय भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा रहने वाले शॉ का खराब प्रदर्शन भारत और स्वंय उनके लिए चिंता का विषय है। शॉ फ्लॉप प्रदर्शन के कारण ही टेस्ट टीम से बाहर हुए थे और बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भी उनके नाम की चर्चा नहीं की गई। शॉ ने फॉर्म में वापसी करने के इरादे से काउंटी में खेलने का फैसला लिया था, लेकिन यहां भी उनका बल्ला खामोश ही रहा।