मैच के पहले कप्तान धोनी ने युवराज सिंह को टीम इंडिया का 'ट्रंप कार्ड' कहा था और बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने उसे सही साबित भी कर दिया।
युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महज 35 गेंदों में आठ चौके और पांच छक्कों की मदद से 77 रनों की नाबाद पारी खेली। युवराज ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ पांचवें विकेट के लिए 102 रनों की अविजित शतकीय साझेदारी कर भारतीय टीम की राह आसान कर दी।
आठ महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले टीम इंडिया में वापसी करने वाले युवराज सिंह ने अपने पहले ही मैच में जीताऊ पारी खेलकर अपना पिछला दमखम दिखा दिया।
इस मैच से कुछ घंटे पहले ही सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला लिया। टीम इंडिया जीत के साथ सचिन को विदाई देना चाहती थी जो कि युवराज के दम पर सफल भी रही।
मैच के बाद युवराज ने इस बेजोड़ पारी को अपनी मां शबनम सिंह और सचिन तेंदुलकर को समर्पित किया। साथ ही उन्होंने लिस्ट ए में खेलने को खुद के लिए फायदेमंद बताया।
'संन्यास पर भावुक हूं'
उन्होंने कहा, "मैं इस समय अपनी शानदार पारी पर उतना खुश नहीं हूं जितना कि सचिन के संन्यास की घोषणा को सुनकर भावुक। मुझे खुद नहीं पता कि मैं खुश हूं या फिर दुखी। खुश हूं कि मैंने लंबे समय के बाद वापसी में अच्छा प्रदर्शन किया और दुखी कि यह सब ऐसे समय हुआ है जब सचिन क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं।"
युवराज सिंह ने आगे कहा, "मैं सचिन को अपनी यह पारी समर्पित करता हूं और उन्हें फोन पर भी इस बारे में बताऊंगा। मुझे लगता है कि मेरी ओर से यह बहुत ही छोटा प्रयास होगा सचिन के लिए कि मैं अपनी पारी उन्हें समर्पित कर सकूं। इसके अलावा मैं अपनी मां को भी यह पारी समर्पित करना चाहता हूं जिन्होंने टीम इंडिया में मेरी वापसी के लिए बहुत दुआएं मांगी हैं।"
लिस्ट ए मैच का मिला फायदा
मैन ऑफ द मैच युवराज ने कहा, "वेस्ट इंडीज ए के खिलाफ भारत ए की ओर से खेलने का मुझे फायदा मिला। उस सीरीज से मुझे तैयारी करने में काफी मदद मिली।"
युवराज ने वेस्ट इंडीज ए के खिलाफ उस सीरीज में लाजवाब बल्लेबाजी की थी। उन्होंने कहा, "मैंने अपना वजन कम किया और ऑफ सीजन में काफी मेहनत किया। मैं यहां बिल्कुल नए अंदाज में आया। फॉर्म में वापस आने के लिए आपको कुछ अच्छे मैचों की जरूरत होती है। लिस्ट ए मुकाबले ने मेरे लिए शानदार प्लेटफॉर्म तैयार किया।"
बाएं हाथ के इस धाकड़ बल्लेबाज ने गुरुवार रात राजकोट में खेले गए ट्वंटी-20 मुकाबले में ऐसे समय बल्लेबाजी की जब टीम इंडिया संकट में थी।
टीम इंडिया को 202 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करना था और उसके चार विकेट महज 100 रन पर ही गिर गए थे। ऐसे में युवराज अपने दम पर धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए टीम को दो गेंद शेष रहते छह विकेट से जीत दिला दी।