भारतीय टीम ने बुधवार से एजबेस्टन में होने वाले टेस्ट मैच की तैयारियां शुरू कर दी है और उन्होंने ट्रेनिंग सत्र में फील्डिंग, विशेषकर कैच पर ध्यान केंद्रित किया है। भारत ने लीड्स टेस्ट में खराब फील्डिंग की थी जो उसकी हार का एक कारण रहा था। भारत ने सोमवार को कड़ा अभ्यास किया, लेकिन यशस्वी जायसवाल के फील्डिंग स्थान ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
स्लिप कॉर्डन में नजर नहीं आए यशस्वी
यशस्वी स्लिप कॉर्डन से अनुपस्थित रहे। यशस्वी आमतौर पर स्लिप फील्डिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। उन्होंने लीड्स टेस्ट में चार कैच छोड़े थे जिसमें बेन डकेट का कैच भी शामिल है। डकेट जब 97 रन पर खेल रहे थे तो यशस्वी से उनका कैच छूट गया था। डकेट ने 149 रनों की पारी खेली थी जिसने मैच का रुख बदल दिया था और इंग्लैंड की टीम मैच जीतने में सफल रही थी।
सोमवार को फील्डिंग कोच टी दिलीप ने स्लिप ड्रील कराई जिसमें करुण नायर फर्स्ट स्लिप, राहुल सेकेंड स्लिप और शुभमन गिल थर्ड स्लिप में खड़े थे। यशस्वी को लेग स्लिप में खड़ा किया गया, जबकि ध्रुव जुरेल शॉर्ट लेग में खड़े थे। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी कैचिंग ड्रील में शामिल रहे। सहायक कोच रयान टेन डस्काटे ने फील्डिंग की तैयारियों को देखा, जबकि गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल में अन्य बैच के साथ कैच अभ्यास ध्यान केंद्रित किया।
हेडिंग्ले टेस्ट में औसर रही थी फील्डिंग
हेडिंग्ले टेस्ट में भारत की फील्डिंग औसत रही थी और स्लिप में खड़े फील्डरों ने कई कैच छोड़े थे। यहां तक कि विकेट के पीछे ऋषभ पंत भी लय में नहीं दिखे थे। भारतीय टीम के पास फील्डिंग में सुधार करने का काफी समय रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यशस्वी दूसरे मैच के दौरान स्लिप में फील्डिंग करते नजर आएंगे या नहीं, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन का संकेत साफ है कि फील्डिंग में किसी तरह की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।