इंग्लैंड में आयोजित आईसीसी महिला विश्वकप अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। मेजबान इंग्लैंड एक बार फिर सेमीफाइनल खेल रही है। मंगलवार को ब्रिस्टल काउंटी मैदान पर उसका मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा। पूरे विश्वकप के दौरान जहां इंग्लैंड की बल्लेबाजी सुर्खियां बना वहीं दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने कहर ढाकर सुर्खियां बटोरीं। एक टीम के पास टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज है तो दूसरी तरफ प्रतियोगिता के दो सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में पहले सेमीफाइनल में गेंद और बल्ले की भिड़ंत दिखने वाली है।
पिछली बार लीग चरण में जब ये दोनों टीमें भिड़ी थीं तब इंग्लैंड के 5 विकेट पर 373 रन का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम 68 रन पीछे रह गई थी। इस वजह से मेजबान को सेमीफाइनल में मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल हो गई है। दक्षिण अफ्रीका के जवाबी 9 विकेट पर 305 रन इस विश्वकप में किसी भी टीम का दूसरी पारी में बनाया सबसे बड़ा स्कोर है।
इंग्लैंड ने पूरे टूर्नामेंट में पहले दस ओवर में औसतन 49.29 रन बनाए हैं। इस मामले में दक्षिण अफ्रीका भी उनके बेहद करीब है। उनका औसत 49.17 है। दोनों टीमों के शुरुआती बल्लेबाज बगौर पसीना बहाए गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। टूर्नामेंट में लगे कुल 97 छक्कों में दोनों के 20-20 छक्के शामिल हैं।
इंग्लैंड के खेमे में सबकी नजर हरफनमौला खिलाड़ी नेट सीवेर पर रहेगी। पहले ही दो शतक जड़ चुकी हैं। अपने आखिरी ग्रुप मैच में वो खाता खोले बगैर पवेलियन लौट गईं थीं लेकिन इसकी भरपाई उन्होंने गेंदबाजी में 3 विकेट हासिल करके कर दी थी।
वहीं दक्षिण अफ्रीकी खेमे में डेन वेन निकरेक सबके आकर्ष ण का केंद्र होंगी। वो सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में पहले पायदान पर हैं। इसके साथ ही उनके नाम प्रतियोगिती में एक अर्धशतक भी है। इंग्लैंड की बल्लेबाजी में थोड़ा ज्यादा गहराई है। लेकिन दक्षिण अफ्रीका की शबनम इस्माइल ने 9वें नंबर पर शानदार बल्लेबाजी कर उन्हें एक मैच में जीत दिलाई थी।
छोटी-छोटी चीजें इंग्लैंड को दक्षिण अफ्रीका को मैच से पहले बढ़त देती दिख रही हैं। इंग्लैंड की टीम घरेलू दर्शकों का शानदार तरीके से मनोरंजन कर रही है। पिछले 19 मैचों में उन्होंने 18 में जीत हासिल की है। इसलिए दक्षिण अफ्रीकी टीम को सेंचुरियन पार्क मे खेले मैच जैसा जज्बा सेमीफाइनल में दिखाना होगा।
मैच जिस पिच पर खेला जाएगा उसका इस्तेमाल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 9 जुलाई को खेले गए मैच के दौरान हुआ था। ऐसे में एक हाई स्कोरिंग मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।