भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने सोमवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया की आक्रामकता और स्किल सेट को देखकर उनके प्रदर्शन में भी निखार आ जाता है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को देखकर ही उनके खिलाफ अच्छे प्रदर्शन की प्रेरणा मिलती है। सात जून से द ओवल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल खेलना है।
इससे पहले विराट ने एक इंटरव्यू में कहा- ऑस्ट्रेलियाई टीम एक बहुत ही प्रतिस्पर्धी है। यदि आप उन्हें एक छोटा सा मौका भी देते हैं, तो वह आप पर पूरी ताकत के साथ प्रहार करेंगे। उनका स्किल सेट शानदार है। यही कारण है कि मुझे अपने खेल को उनके खिलाफ अगले स्तर तक ले जाने में और मदद मिलती है। मुझे उन्हें हराने के लिए अपने खेल को और ऊपर उठाना पड़ता है।
विराट को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना पसंद है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 24 टेस्ट मैचों में उन्होंने 48.26 की औसत से 1,979 रन बनाए हैं, जिसमें आठ शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 186 रन है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सभी प्रारूपों में विराट ने 92 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 50.97 की औसत से 4,945 रन बनाए हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 शतक और 24 अर्धशतक बनाए हैं।
विराट ने कहा कि फाइनल में द ओवल की परिस्थितियां कठिन होंगी। विराट ने कहा, "हमें सपाट विकेट नहीं मिलेगा और बल्लेबाजों को सतर्क रहने की जरूरत है। हमें अधिक ध्यान देने की जरूरत है और स्थिति और परिस्थितियों के मुताबिक खेलना होगा। बल्लेबाजी करते समय हमें अधिक ध्यान और अनुशासन की आवश्यकता होगी।"
विराट ने कहा कि इंग्लैंड की स्विंग और सीम की परिस्थितियों में यह महत्वपूर्ण है कि आप आक्रमण करने के लिए कैसी गेंद चुनते हैं और यह वहां बल्लेबाजी का सबसे कठिन हिस्सा है। विराट ने कहा, "इंग्लैंड में सीम और स्विंग की स्थिति में सबसे कठिन हिस्सा उस गेंद को चुनना है जिसे आपको हिट करने, बचाव करने या छोड़ने की जरूरत है। ठोस तकनीक के साथ खेलना महत्वपूर्ण है। बल्लेबाजी करते समय संतुलन बहुत महत्वपूर्ण है।"
विराट ने कहा कि जो भी टीम पिच और परिस्थितियों से तालमेल बिठाने में सक्षम होगी, मैच जीत जाएगी। उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रतिद्वंद्विता के बारे में भी बात की, जो क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता में से एक है। विराट ने कहा कि जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज उसी की सरजमीं पर जीती तो प्रतिद्वंद्विता सम्मान में बदल गई थी।
"शुरुआत में, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रतिद्वंद्विता देखी गई थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में दो टेस्ट मैचों की सीरीज जीतने के बाद, प्रतिद्वंद्विता सम्मान में बदल गई है। अब जब आप ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हैं, तो सम्मान दिखाई देता है, कि वे (भारत) हमें हरा भी सकते हैं।" भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें 106 टेस्ट में आमना-सामने आ चुकी हैं। भारत ने 32 मैच जीते हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया को 44 मैचों में जीत मिली है। 29 मैच ड्रॉ और एक टाई रहा है।
1996-97 से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में से भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पांच में जीत हासिल की है, एक ड्रॉ पर समाप्त हुई है। ऑस्ट्रेलिया 19 मैचों में 11 जीत, तीन हार, पांच ड्रॉ के साथ डब्ल्यूटीसी तालिका में शीर्ष पर रहा जबकि भारत 10 जीत, पांच हार और तीन ड्रॉ के साथ दूसरे स्थान पर रहा।