ईडी ने रियल्टी समूहों IREO और M3M पर छापे मारे
वहीं, एक अन्य मामले में ईडी ने रियल्टी समूहों IREO और M3M पर छापे मारे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को इसके बारे में जानकारी दी है। जांच एजेंसी ने कहा कि मुंबई में रियल इस्टेट कंपनियों आईआरईओ और एम3एम पर छापेमारी के दौरान फेरारी, लेम्बोर्गिनी और बेंटले समेत 60 करोड़ रुपये की लग्जरी कारें और 5.75 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण जब्त किए हैं।
संघीय एजेंसी ने बयान में यह भी कहा कि दिल्ली और गुरुग्राम में उनके सात ठिकानों पर एक जून को तलाशी ली गई थी। ईडी ने यह आरोप भी लगाया है कि एम3एम समूह के मालिक, नियंत्रक और प्रवर्तक बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल, पंकज बंसल और अन्य प्रमुख व्यक्ति छापे के दौरान जानबूझकर जांच से बचते रहे।
एजेंसी पिछले कुछ सालों से निवेशकों और ग्राहकों के फंड को डायवर्ट करने, बेईमानी से निकालने और गबन करने के आरोप में IREO समूह की जांच कर रही है। इस मामले की जांच के दौरान पता चला कि M3M समूह भी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त है। इस समूह के माध्यम से बड़ी मात्रा में सैकड़ों करोड़ रुपये की धनराशि का गबन किया गया था।
एम्ब्रेयर हथियार सौदे में अधिकारियों को दी गई थी 57.6 लाख डॉलर की रिश्वत
सीबीआई ने एम्ब्रेयर भ्रष्टाचार मामले में हथियारों के सौदागर अरविंद खन्ना, वकील गौतम खेतान और कारोबारी अनूप गुप्ता के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। सीबीआई के मुताबिक ब्राजील के पक्ष में डीआरडीओ के साथ तीन-विमान सौदे को अंतिम रूप देने के लिए अधिकारियों को 57.6 लाख अमेरिकी डॉलर रिश्वत दी गई थी।
सीबीआई की एक विशेष अदालत में हाल ही में दाखिल आरोपपत्र में एजेंसी ने खन्ना, खेतान और गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधान) के तहत आरोप लगाये। सीबीआई ने एफआईआर में नामित एनआरआई कारोबारी विपिन खन्ना की मौत के बाद उसके खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के हवाई-वाहित रडार सिस्टम स्थापित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले तीन विमानों का सौदा 2008 में ब्राजील की फर्म एम्ब्रेयर के साथ किया गया था।
सीबीआई के मुताबिक, डीआरडीओ में अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए सिंगापुर स्थित इंटरदेव के माध्यम से एंब्रायर की सहायक कंपनियों से विपिन खन्ना को कथित तौर पर 57.6 लाख अमेरिकी डालर की रिश्वत दी गई थी। सीबीआई ने एफआईआर में 3 जुलाई, 2008 को हुए सौदे में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में एम्ब्रेयर और इंटरदेव पीटीई लिमिटेड के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने ब्राजील के एक अखबार में एम्ब्रेयर पर सऊदी अरब और भारत में सौदे करने के लिए बिचौलियों के इस्तेमाल वाले आरोपों के बाद सितंबर 2016 में जांच शुरू की थी।