भारत 2014 से लेकर 2021 तक आईसीसी स्तर के किसी भी टूर्नामेंट के कम से कम सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रहा। टीम इंडिया 2015 क्रिकेट विश्व कप, 2016 टी-20 विश्व कप और 2019 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल तक पहुंची। इसके अलावा 2014 टी-20 विश्व कप, 2017 चैंपियंस ट्रॉफी और हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में उपविजेता रही। कपिल देव ने टीम इंडिया के प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा, कड़ी मेहनत करने के बावजूद हर बार भारत के लिए ट्रॉफी जीतना संभव नहीं है।
1983 में भारत को पहला विश्व कप जिताने वाले कप्तान कपिल देव ने कहा, हम हमेशा सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचते हैं, हमारी बहुत जल्दी आलोचना की जाती है, यह संभव नहीं है कि आप हर बार ट्रॉफी जीतेंगे। यह देखो कि टीम कितना अच्छा खेली, एक फाइनल या सेमीफाइनल हारने के बाद क्या हमें कहना चाहिए कि हम दबाव को संभाल नहीं पा रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ कपिल देव ने विश्ट टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली न्यूजीलैंड टीम की तारीफ की। साउथम्पटन में खेले गए डब्ल्यूटीसी फाइनल मुकाबले में कीवी टीम ने भारत को 8 विकेट से हराया था। साल 2000 के बाद न्यूजीलैंड का यह पहला आईसीसी खिताब था जिसने नैरोबी में टीम इंडिया को हराकर जीता था। लेकिन इस हार के बावजूद कपिल देव ने भारतीय टीम का सर्मथन किया और बताया कि कैसे ऐसी परिस्थितियां बनी हैं जहां टीम ने अच्छा खेला और दबाव को बेहतर तरीके से संभाला है।
कपिल के मुताबिक, ऐसा नहीं होता है, यह उनका दिन था और उन्होंने बेहतर खेला, हम देखते हैं कि इतनी जल्दी आलोचना करते हैं, यदि एक बार हमारी परफॉर्मेंस खराब हो गई तो मीडिया सैकड़ों बार उसी बात को दोहराएगा। ठीक उसी दबाव में हमने और मौजूदा टीम ने कई मैच जीते हैं।