मैच के पहले दिन छह घंटे से ज्यादा वक्त बारिश होती रही। इसके चलते कई बार मैदान का निरीक्षण करने के बाद आखिरकार अंपायरों को खेल रद्द करना पड़ा। अगले दिनों में भी बारिश की संभावना को देखते हुए अब साउथैम्प्टन को फाइनल मैच के स्थल के रूप में चुनने पर भी सवाल उठाए जाने लगे हैं। लेकिन माना जा रहा है कि आईसीसी और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने मैच स्थल को अंतिम रूप देने से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को विश्वास में लिया था। इस स्टेडियम में फाइव स्टार होटल जैसी व्यवस्था है और यहां जैव सुरक्षित वातावरण तैयार करना आसान होता है। वैसे भी इंग्लैंड में मौसम बदलने में समय नहीं लगता और ऐसे में यदि किसी अन्य जगह पर भी मैच होता तो इसकी कोई गारंटी नहीं थी कि वहां बारिश नहीं होती।