भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने कहा है कि उन्होंने बीसीसीआई के अधिकारियों को पत्रकार से जुड़े मामले पर पूरी जानकारी दे दी है। साहा को भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद एक पत्रकार ने उनसे इंटरव्यू के लिए कहा था और जवाब न मिलने पर कभी उनका इंटरव्यू न लेने की धमकी दी थी। साहा ने पत्रकार के साथ बातचीत का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर साझा किया था। इसके बाद बीसीसीआई ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था। साहा ने इस समिति के सदस्यों को मामले के बारे में बताया है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। तीन सदस्यीय समिति में बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, बोर्ड के कोषाध्यक्ष अरुण सिंह धूमल और शीर्ष परिषद सदस्य प्रभातेज सिंह भाटिया शामिल हैं। साहा ने कहा था कि वो पत्रकार का नाम नहीं बताएंगे, लेकिन अब उन्होंने कहा है कि मामले से जुड़ी जरूरी जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है।
क्या बोले साहा?
साहा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा "मैं जो भी जानता हूं, सब कमेटी को बता दिया है। मैंने पूरी जानकारी उनके साथ साझा की है। अभी मैं आपको बहुत कुछ नहीं बता सकता। बीसीसीआई ने मुझसे मीटिंग के बारे में बाहर कुछ भी न बताने को कहा है, क्योंकि वो खुद सारे सवालों के जवाब देंगे।" यह अभी भी साफ नहीं हुआ है कि साहा ने उनके साथ बदतमीजी करने वाले पत्रकार के नाम का खुलासा किया है या नहीं। हालांकि, पहले उन्होंने ऐसा नहीं करने की बात कही थी।
क्या है मामला?
बीसीसीआई की तरफ से 19 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ टी-20 और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान किया गया था। लेकिन इसमें अनुभवी विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को जगह नहीं मिली। इसके बाद एक पत्रकार ने साहा को व्हाट्सएप मैसेज कर इंटरव्यू की मांग की, जिसपर साहा ने कोई जवाब नहीं दिया और फिर उन्हें पत्रकार की तरफ से अंजाम भुगतने की धमकियां दी गई। साहा ने पूरी बात का स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
पत्रकार ने क्या कहा था?
पत्रकार ने साहा को मेसेज करते हुए लिखा "मेरे साथ एक इंटरव्यू करिए, यह काफी अच्छा होगा। अगर आप लोकतांत्रिक रहना चाहते हैं तो मैं दबाव नहीं बनाऊंगा। वो एक विकेटकीपर चुनते हैं, जो सबसे बेहतर होता है। आप 11 पत्रकार चुनने की कोशिश करते हैं, जो मेरे हिसाब से सही नहीं है। उसे चुनिए जो सबसे ज्यादा आपकी मदद कर सकता है।"
जवाब न मिलने पर पत्रकार ने उन्हें वॉट्सएप कॉल किया, लेकिन साहा ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद पत्रकार ने धमकी भरे अंदाज में लिखा "आपने मुझसे बात नहीं की, मैं अब कभी भी आपका इंटरव्यू नहीं लूंगा। मैं बेइज्जती को सहजता से नहीं स्वीकार करता हूं और इसे याद रखूंगा। आपको ऐसा कतई नहीं करना चाहिए था।" साहा ने पत्रकार के मैसेज के स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए सभी को इस घटना के बारे में बताया
सीनियर खिलाड़ियों ने किया समर्थन
मामला सामने आने के बाद हरभजन सिंह से लेकर वीरेन्द्र सहवाग सहित कई दिग्गज खिलाड़ी साहा के समर्थन में आए। रवि शास्त्री ने बीसीसीआई से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को इस मामले में दखल देना चाहिए।
पत्रकार का नाम नहीं बताएंगे साहा
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में साहा ने कहा कि अब तक बीसीसीआई की तरफ से किसी अधिकारी ने उनसे बात नहीं की है। अगर उनसे पत्रकार के नाम का खुलासा करने को कहा जाता है तो वह कहेंगे कि कभी भी उनका इरादा किसी का करियर खत्म करने का नहीं था। इसी वजह से उन्होंने अपने ट्वीट में नाम का खुलासा नहीं किया था। उनका उद्देश्य यह था कि सभी को यह पता चले की मीडिया कोई ऐसा काम कर रहा है और भविष्य में खिलाड़ियों को ऐसी चीजों का सामना न करना पड़े।