केपटाउन टेस्ट की दूसरी पारी में जैसे ही विकेट के पीछे
ऋद्धिमान साहा ने
भुवनेश्वर कुमार की बॉल पर मॉर्ने मॉर्केल का कैच पकड़ा वैसे ही उन्होंने टीम इंडिया के दिग्गज विकेटकीपर
महेंद्र सिंह धोनी का रिकॉर्ड तोड़कर अपने नाम कर लिया। दरअसल इस मैच में साहा ने 10 कैच पकड़े और इससे पहले धोनी के नाम एक टेस्ट में 9 कैच पकड़ने का रिकॉर्ड था।
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान धोनी ने दिसंबर 2014 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच में 9 कैच लपके थे। एक और जहां साहा के हाथों सभी बल्लेबाज कैच आउट हुए, वहीं धोनी ने 8 कैच और एक स्टंपिंग की थी।
इन सबके बीच साहा ने धोनी का एक और रिकॉर्ड तोड़ा। टीम इंडिया के लिए विदेशी जमीं पर सबसे ज्यादा कैच पकड़ने का रिकॉर्ड साहा के नाम हो चुका है। साहा ने इस मैच में 9 कैच पकड़े, जबकि धोनी के नाम 8 कैच थे।
ये भी पढ़ेंः टीम इंडिया के क्रिकेटर्स को लगा झटका, पत्नियों और गर्लफ्रेंड्स की जिम्मेदारी नहीं लेगा BCCI
33 वर्षीय साहा का इस मैच में पहला शिकार कसिगो रबाड़ा रहे। रबाड़ा का कैच उन्होंने अश्विन के गेंद पर लिया था। बता दें कि साहा ने न केवल धोनी का रिकॉर्ड तोड़ा है बल्कि संयुक्त रूप से एक मैच में सबसे ज्यादा कैच लेने के रिकॉर्ड में दूसरे नंबर पर अपना नाम दर्ज करा लिया। साहा के अलावा इंग्लैंड के बॉब टेलर और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने एक मैच में 10 कैच पकड़े थे।
सबसे ज्यादा कैच लेने का रिकॉर्ड अभी तक इंग्लैंड के जैक रसेल और दक्षिण अफ्रीका के एबी डीविलियर्स के नाम है। इन दोनों ने 11 कैच पकड़े हैं।
2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू करने वाले साहा के नाम अब तक 32 टेस्ट मैचों में 85 शिकार किए हैं, जिनमें 75 कैच और 10 स्टंपिंग शामिल हैं।