विश्व कप 2003
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गांगुली की एक गलती और हाथ से फिसल गया विश्व कप
साल 2003 के विश्वकप फाइनल में भारतीय फैन्स के दिल उस वक्त टूट गए थे, जब टीम इंडिया 20 साल बाद विश्वकप खिताब से मात्र एक कदम दूर रह गई। किसी को भरोसा नहीं हो रहा था टीम को जीतना सिखाने वाले ‘दादा’ यानी सौरभ गांगुली की टीम हार गई है। वह मुकाबला जिस पर भारतीय क्रिकेट का सुनहरा भविष्य लिखा जाना था।
टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा था। पूरी टीम आत्मविश्वास से भरी थी। खिताबी मुकाबले में जैसे ही सौरभ गांगुली मैदान पर टॉस के लिए उतरे टीवी पर टकटकी लगाकर बैठे दर्शक भारत के टॉस जीतने की कामना करने लगे। भारतीयों की दुआओं ने काम किया और भारत टॉस जीतने में कामयाब रहा। दर्शक खुश थे।
इसी बीच सौरभ गांगुली ने पहले गेंदबाजी का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया। असल में पहले गेंदबाजी का फैसला गांगुली ने इसलिए किया था, क्योंकि मैच से पहले सुबह बरसात हुई थी। ऐसे में गांगुली को उम्मीद थी कि पिच की नमी गेंदबाजी में मददगार रहेगी।
गांगुली को भरोसा था कि अगर सही जगह पर गेंदबाजी की जाएगी, तो वह जल्द ही ऑस्ट्रेलिया की ओपनिंग जोड़ी को आउट करने में कामयाब रहेंगे। हालांकि, उनका यह दांव उल्टा पड़ गया। भारतीय गेंदबाज बेअसर साबित हुए। परिणामस्वरुप ऑस्ट्रेलिया 359 का बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। माना जाता है कि गांगुली का यह फैसला ही टीम की हार प्रमुख कारण बना।