वर्ल्ड कप 2023 के 39वें मैच में ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान को तीन विकेट से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। इस मुकाबले में अफगानिस्तान के गेंदबाजों के सामने ऑस्ट्रेलिया की लड़खड़ाती पारी को संभालते हुए ग्लेन मैक्सवेल ने विस्फोटक बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 128 गेंदों में 201 रनों की नाबाद पारी खेली, इस दौरान उन्होंने 21 चौके और 10 छक्के भी लगाए।
मैक्सवेल जब बल्लेबाजी करने मैदान पर आए, तब ऑस्ट्रेलिया महज 49 के स्कोर पर ही चार विकेट गंवा दी थी और थोड़ी देर बाद 91 के स्कोर पर सात विकेट गिर गए थे। यहां से संभलकर बल्लेबाजी करते हुए ग्लेन मैक्सवेल और कप्तान पैट कमिंस ने ऑस्ट्रेलिया को जीत के करीब ले आए। अफगानिस्तान के खिलाफ मिली इस जीत के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस भी मंत्रमुग्ध रह गए। उन्होंने इस शानदार जीत को अबतक की हुई सबसे बड़ी चीज बताया है।
मैच के बाद मैक्सवेल का बड़ा खुलासा
अफगानिस्तान को हराने के बाद पोस्ट मैच सेलिब्रेशन के दौरान ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने बताया कि उनका लक्ष्य किसी तरह 200 रन तक पहुंचना था ताकि बांग्लादेश के खिलाफ विश्व कप के आखिरी लीग मैच से पहले नेट रनरेट बेहतर रहे। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि इसका वर्णन कैसे करूं? शानदार जीत। यह अबतक हुई सबसे बड़ी चीज है। मैक्सवेल ने शानदार बल्लेबाजी की। वह शांत था और उसके पास हमेशा प्लान होता है। मैक्सवेल थोड़ा अलग है । वह हमेशा जीतने के लिये खेलता है । मैं किसी तरह 200 तक पहुंचने की सोच रहा था तो वह जीत की उधेड़बुन में था।'
चोट लगने के बाद मैक्सवेल बाहर जाना चाहते थे, इस पर सवाल पूछे जाने पर कमिंस ने कहा, 'हमारे पास एनएसडब्ल्यू के तीन खिलाड़ी मौजूद थे। एडम जाम्पा ने तीन बार अंदर बाहर किया, लेकिन मैक्सवेल खेलना चाहते थे। यह हमेशा याद रखना चाहिए कि आप कहीं से भी जीत सकते हैं। टीम पर हमें भरोसा था और हम सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं।'
मैक्सवेल ने बताया प्लान
विस्फोटक पारी के बाद ग्लेन मैक्स को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैक्सवेल ने पोस्ट मैच सेरेमनी में कहा, 'जब फील्डिंग कर रहे ते तब बहुत गर्मी थी। गर्मी की वजह से मैं ज्यादा एक्सरसाइज नहीं कर पाया। मैं मैदान में रहकर अपने पैर को घुमाने की कोशिश कर रहा था।'
ऑस्ट्रेलिया के 92 के स्कोर पर सात विकेट गिरने के बाद उनके प्लान के पूछा गया तो मैक्सवेल ने कहा, 'कुछ ज्यादा नहीं। जितना हो सके बल्लेबाजी योजनाओं पर टिके रहें। मैं अभी भी सकारात्मक हूं और अपना शॉट्स खेलने की कोशिश कर रहा हूं। पहले दो मैच हारने के बाद लोग हमारे बारे में लिखना शुरू कर दिए थे, लेकिन यहां हमेशा भरोसा था। इसके बाद यह और ज्यादा ऊपर हो गया।'
अपने इंजरी पर बात करते हुए मैक्सवेल ने कहा, 'मुझे ऐंठन हो रही थी और साथ ही साथ बाएं पैर में हैमस्ट्रिंग भी। जैसे ही मैंने हिट किया मेरे पीठ में ऐंठन शुरू हो गई और मैं ग्राउंड पर ही लेट गया। एस समय पर मुझे लगा कि मैं वापस चला जाऊंगा, इसलिए मैंने एडम जाम्पा की तरफ इशारा किया था। इसके बाद मेरे बल्ले से जो भी गेंद लगती मैं उसे मारने की कोशिश करता था।'
वर्ल्ड कप में दोहरा शतक बनाने वाले मैक्सवेल तीसरे खिलाड़ी बन चुके हैं। उनसे पहले मार्टिन गप्टिल और क्रिस गेल ऐसा कर चुके हैं। ग्रुप राउंड में ऑस्ट्रेलिया का अगला और आखिरी मैच बांग्लादेश के साथ होने वाला है।