पाकिस्तान ने इंग्लैंड से एकमात्र मैच जीता है, जिसमें 348 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसमें हफीज ने 84 रन की बेहतरीन पारी खेली थी।पाकिस्तान की शुरुआत बहुत शर्मनाक रही थी। वेस्टइंडीज से पहले ही मैच में सात विकेट से अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और भारत से हार मिली। श्रीलंका के साथ बारिश के कारण मैच नहीं हो पाया था। दक्षिण अफ्रीका के अलावा पाकिस्तान को न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से मैच खेलने हैं। हफीज का कहना है कि एक टीम के रूप में पाकिस्तान प्रदर्शन देने में नाकाम रहा।
हफीज कहते हैं, 'मैच जीतने के लिए पूरी टीम का खेलना अहम होता है। इसके बिना व्यक्तिगत प्रतिभा भी कई बार काम नहीं आती है। इन दिनों आपको मैच जीतना है तो टीम का प्रदर्शन काफी मायने रखता है।'
38 साल के मोहम्मद हफीज ने पिछले हफ्ते रविवार को भारत से हार के बाद मीडिया में हो रही तीखी आलोचना पर कहा था कि हम किसी एक व्यक्ति पर दोष नहीं मढ़ सकते हैं। हार की जिम्मेदारी सब पर जाती है। मीडिया में नकारात्मक अभियान से हम भी दुखी हैं।
यहां तक कि खिलाड़ियों के परिवार वालों को निशाना बनाया जा रहा है। जब हम जीत हासिल करते हैं, तब अच्छी चीजों पर क्यों बात नहीं होती है? मुझे पता है कि पाकिस्तान के लिए मुश्किल स्थिति है लेकिन ऐसा नहीं है कि कोई उम्मीद ही नहीं बची है।
हफीज कहते हैं, ''सब कुछ खत्म नहीं हो गया है। हम अगले मैच की तैयारी कर रहे हैं। हम अगला मैच जीतने के लिए बेताब हैं। भारत से मैच के बाद हमें पर्याप्त वक्त मिला है और हम फिर से नई शुरुआत करने जा रहे हैं।
हफीज ने भारत के खिलाफ टॉस जीतने पर पहले गेंदबाजी करने के फैसले का भी बचाव किया। हालांकि प्रधानमंत्री इमरान खान ने पहले बल्लेबाजी की सलाह दी थी। 1992 के क्रिकेट विश्व कप में जब पाकिस्तान विजेता बना था तब इमरान खान ही पाकिस्तानी टीम के कप्तान थे। हफीज कहते हैं कि यह एक टीम का फैसला था और यह फैसला किसी के ट्वीट के आधार पर नहीं लिया जा सकता। हमने अच्छी गेंदबाजी नहीं की इसलिए हार का सामना करना पड़ा।
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज अकीब जावेद का मानना है कि सरफराज अहमद गलती से पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बन गए हैं और वो इसके काबिल नहीं थे। पाकिस्तान ने 1992 में जब क्रिकेट विश्व कप जीता था, अकीब उस टीम में शामिल थे, उनकी राय है कि सरफराज के पास एक अच्छा लीडर बनने के गुण नहीं हैं। उन्होंने कहा, '2015 से सरफराज टीम में अपनी जगह के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वो गलती से कप्तान बन गए क्योंकि बोर्ड हर विश्व कप के बाद बदलाव करता है।'
जावेद ने एक विशेष साक्षात्कार में मुंबई मिरर से कहा, "2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल के बाद से पाकिस्तान ने कुछ भी नहीं किया। यूएई में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से भी हार गया। मुख्य चयनकर्ता इंजमाम-उल-हक और कोच मिकी अर्थर के सामने उनका कुछ नहीं चलता है।"
उन्होंने कहा, 'ऐसे खिलाड़ियों को चुना है जो नई गेंद को ठीक से संभाल भी नहीं सकते हैं। मोहम्मद आमिर स्ट्राइक बोलर हैं, लेकिन वो पहले 25 ओवर में विकेट नहीं ले सकते। जब बल्लेबाज रन के लिए दौड़ते हैं तो वो विकेट लेते हैं।'
जावेद आगे कहते हैं कि हसन अली एक नई गेंद से बोलिंग के लिए एक बुरा विकल्प हैं। वहाब रियाज नई गेंद से गेंदबाजी नहीं कर सकते हैं। उन्हें पुरानी गेंद की जरूरत होती है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज रहे अकीब जावेद को यह उम्मीद नहीं है कि पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में जगह बना पाएगी।