टीम का मनोबल ऊंचा
कप्तान कोहली ने कहा कि हर खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरा है। हमने अच्छी क्रिकेट खेली हैं। आगे के अवसर के लिए बेहद उत्साहित हैं।
नॉकआउट दौर अहम
भारतीय कप्तान ने कहा कि लीग मैचों के मुकाबले नॉकआउट दौर में काफी फोकस करना होता है। तनाव भी ज्यादा होता है। रणनीति और निर्णय दोनों महत्वपूर्ण होंगे। दोनों टीमों के पास अनुभव है। न्यूजीलैंड पिछली बार फाइनल में थी। उसे पता है कि नॉकआउट मैच कैसे खेलना है। खास दिन जो टीम जज्बा दिखाती है, उसके जीतने के अवसर ज्यादा होते हैं।
शतक न लगाने का मलाल नहीं
विराट ने कहा, मुझे शतक नहीं लगाने का मलाल नहीं है, मुझे अलग रोल निभाने हैं। रोहित बेहतरीन खेल रहे हैं, पारी के बीच में मुझे अपनी अलग भूमिका निभानी होती है। कोई निजी रिकॉर्ड के लिए नहीं खेलता, रोहित भी ऐसा करते हैं। इस प्रक्रिया में रिकॉर्ड बन जरूर जाते हैं। रोहित वनडे में दुनिया के शीर्ष बल्लेबाज हैं। मैं हमेशा टीम के लिए खेलना चाहता हूं। उम्मीद करता हूं कि दो और गेम जीत जाऊं।
विलियमसन को अंडर-19 मैच याद दिलाएंगे
विराट और विलियमसन 2008 अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में भी कप्तान की भूमिका में आमने-सामने थे। भारत ने तब वह मैच जीता था। इस बाबत पूछे जाने पर विराट ने कहा, जब हम मिलेंगे तो मैं उन्हें याद दिलाऊंगा। यह महसूस कर अच्छा लग रहा है कि 11 साल बाद हम सीनियर विश्व कप में दोबारा अपनी-अपनी टीमों की कप्तानी कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह सचमुच खूबसूरत यादें हैं। हमने या उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन हम वापस आमने-सामने होंगे।