यह वह दौर था, जब भारत में वर्षों से एकछत्र राज करती आ रही हॉकी को क्रिकेट ने किनारे कर दिया। 1983 के बाद के परिदृश्य को देखें तो भारत अब विश्व क्रिकेट की महाशक्ति बन गया है। क्रिकेट का जितना बड़ा बाजार यहां है उतना दुनिया में कहीं भी नहीं है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड है। यहां तक की वैश्विक संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में भी उसकी तूती बोलती है। यहां क्रिकेट धर्म है और क्रिकेटर देवता के सम्मान जो अरबों-खरबों में खेलते हैं।
28 साल बाद (2011) टीम इंडिया ने करिश्माई महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में एक बार फिर भारत को चैंपियन बनाया। हालांकि 2015 में माही की ही अगुआई में टीम सेमीफाइनल में हार गई। लेकिन अब नए कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में युवा ब्रिगेड के सामने एक और नया अध्याय लिखने की चुनौती होगी।
संस्करण 12वां
कुल टीम: 10
खिलाड़ी: 150
शहर: 10
मैदान: 11
मैच: 48
दिन: 46
कब खेला जाएगा उद्घाटन मुकाबला
30 मई, द ओवल, लंदन
फाइनल मुकाबला
14 जुलाई, लॉर्ड्स, लंदन05वीं बार रिकॉर्ड इंग्लैंड विश्व की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले वह 1975, 1979, 1983, 1999 में इस वैश्विक टूर्नामेंट का आयोजन कर चुका है।
पहली बार जिम्बॉब्वे की टीम विश्व कप में नहीं दिखेगी। यह पहला मौका है जब आईसीसी विश्व कप में कोई टेस्ट दर्ज प्राप्त टीम नहीं खेलेगी।
पहली बार ऐसा होगा जब कोई एसोसिएट सदस्य विश्व कप में नहीं खेलेगा।
टीम: इंग्लैंड, भारत, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, वेस्ट इंडीज