फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला जूनियर हॉकी विश्व कप: भारतीय टीम की नजरें पहले फाइनल प्रवेश पर, तीन बार की चैंपियन नीदरलैंड से मुकाबला

Sat, 09 Apr 2022 09:17 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पोटचेफ्स्ट्रूम

सार

टूर्नामेंट में अब तक अजेय रहे भारत ने वेल्स को 5-1 से हराने के बाद जर्मनी को 2-1 से शिकस्त दी और फिर मलयेशिया (4-0) और कोरिया (3-0) को भी हराया। सलीमा टेटे की अगुआई वाली टीम ने अब तक एकजुट प्रयास किया है।
विज्ञापन
महिला जूनियर हॉकी विश्व कप - फोटो : twitter @hockey india
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय महिला हॉकी टीम रविवार को यहां तीन बार के चैंपियन नीदरलैंड को हराकर पहली बार एफआईएच जूनियर विश्वकप के फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी। टूर्नामेंट में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2013 में रहा था जब टीम ने जर्मनी के मोनशेंग्लाबाख में कांस्य पदक जीता था। अन्य सेमीफाइनल में जर्मनी का सामना इंग्लैंड से होगा।
विज्ञापन


टूर्नामेंट में अब तक अजेय रहे भारत ने वेल्स को 5-1 से हराने के बाद जर्मनी को 2-1 से शिकस्त दी और फिर मलयेशिया (4-0) और कोरिया (3-0) को भी हराया। सलीमा टेटे की अगुआई वाली टीम ने अब तक एकजुट प्रयास किया है और सभी विभागों में बेहतर प्रदर्शन किया है। भारतीय अग्रिम पंक्ति ने टूर्नामेंट में अब तक 14 गोल किए हैं और टीम के खिलाफ सिर्फ दो गोल हुए हैं। 

छह गोल कर चुकी हैं अब तक मुमताज
युवा स्टार मुमताज खान ने सभी का ध्यान खींचा है। वह टूर्नामेंट में छह गोल कर चुकी हैं। लालरेमसियामी, लालरिंदिकी और शर्मिला देवी ने उनका अच्छा साथ निभाया है। कप्तान सलीमा, लालरेमसियामी और शर्मिला के रूप में तीन टोक्यो ओलंपियन के भारतीय टीम में होने से प्रदर्शन पर सकारात्मक असर पड़ा है। 
विज्ञापन


भारतीय मिडफील्ड को पूरा श्रेय जाना चाहिए जिसने टीम के लिए गोल करने के कई मौके बनाए हैं। अग्रिम पंक्ति और मिडफील्ड के अलावा गोलकीपर बिचू देवी करिबम की मौजूदगी में रक्षापंक्ति ने भी अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। हाल में एफआईएच प्रो लीग में सीनियर टीम की ओर से पदार्पण करने वाली युवा बिचू ने विरोधी टीम के कई हमलों को नाकाम किया है। 

पिछली बार का उपविजेता है नीदरलैंड 
भारत के लिए हालांकि नीदरलैंड की चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा। तीन बार की चैंपियन होने के अलावा नीदरलैंड चिली के सेंटियागो में पिछले टूर्नामेंट में उप विजेता भी रहा था। भारत की तरह नीदरलैंड भी पूल चरण में अपने तीनों मैच जीतकर शीर्ष पर रहा था और क्वार्टर फाइनल में उसने दक्षिण अफ्रीका को 5-0 से हराया। लेकिन फॉर्म में चल रही भारतीय टीम के रूप में नीदरलैंड के सामने पहली कड़ी परीक्षा होगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें