बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के निधन के बाद नए अध्यक्ष का चयन तभी हो सकता है जब बोर्ड सचिव अनुराग ठाकुर आम सभा की विशेष बैठक बुलाएं। बीसीसीआई के एक अधिकारी के मुताबिक बीसीसीआई के संविधान की धारा 16 डी में कहा गया है कि अध्यक्ष का निधन होने पर बोर्ड सचिव आमसभा की विशेष बैठक बुलाने का नोटिस जारी करेगा।
इक्कीस दिनों के अंदर यह बैठक बुलाई जानी चाहिए जिसमें अंतरिम अध्यक्ष का चयन होगा। बीसीसीआई की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अध्यक्ष का चुनाव या चयन आसान नहीं होगा। आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला के नाम की अटकलें लगाई जा रही हैं जो उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के अध्यक्ष हैं। इसके लिए उन्हें पूर्वी राज्यों के सहयोग की जरूरत होगी। पूर्व से उपाध्यक्ष गौतम राय दावेदार हो सकते हैं। जो पांच उपाध्यक्षों में सबसे सीनियर हैं।
सबसे पहले वह ग्वालियर में 1992 में हुई एजीएम में चुने गए थे। राय को हालांकि बीसीसीआई से अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद नहीं है। दिल्ली के सीके खन्ना की भी यही स्थिति है जो मध्य क्षेत्र से उपाध्यक्ष हैं।
बीसीसीआई के संविधान के तहत ठाकुर को नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए विशेष आमसभा की बैठक बुलानी होगी लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह बुला सकेंगे या नहीं चूंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही कार्यसमिति की बैठक की तारीख तय हो सकती है।
बीसीसीआई अध्यक्ष पद को शुरू हुई जोड़-तोड़
बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के निधन के बाद बोर्ड अध्यक्ष पद के लिए जोड़-तोड़ और गुणा-भाग के खेल की सेज सज चुकी है। यह ठीक वैसी ही स्थिति है जो साल की शुरूआत में बोर्ड के चुनाव से पहले बनी थी। बोर्ड के संविधान के मुताबिक ऐसी स्थिति में विशेष कार्यकारिणी की बैठक 15 दिनों के अंदर बुलाई जाती है, जिसमें नए अध्यक्ष के बारे में फैसला होता है, लेकिन यह कार्यकारिणी बोर्ड के लिए बुलाना आसान नहीं है।
इसमें सबसे बड़ा रोड़ा एन श्रीनिवासन हैं। श्रीनिवासन बोर्ड की बैठकों में शामिल हो सकते हैं या नहीं इस पर बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ले रखी है। बोर्ड की दिक्कत यह है कि विशेष कार्यकारिणी की बैठक तुरंत बुलाए या फिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करे।
खास बात यह भी है कि जब बैठक नहीं बुलाई जाती है तब तक बोर्ड का सारा काम-काज संभालने की जिम्मेदारी सचिव अनुराग ठाकुर के जिम्मे ही रहेगी। नई परिस्थितियों में श्रीनिवासन कैंप के अलावा शरद पवार और राजीव शुक्ला का सक्रिय होना तय है।नियम यह कहता है कि अगला जो भी अध्यक्ष होगा वह पूर्वी क्षेत्र के बोर्ड के पूर्ण सदस्य से ही होगा। जिसका कार्यकाल 2017 में समाप्त होना है। इस लिहाज से बंगाल, ओडिशा, झारखंड, असम, त्रिपुरा और नेशनल क्रिकेट क्लब, कोलकाता के सदस्य अध्यक्ष पद की दौड़ में रहेंगे।
शरद पवार पिछली बार अपने लिए पूर्व क्षेत्र से अपने नाम का अनुमोदन कराने वाला नहीं जुटा पाए थे, जिसके चलते उन्हें बोर्ड अध्यक्ष पद से पीछे हटते हुए डालमिया के पक्ष में खड़ा होना पड़ा। अब उनकी कोशिश भी यही है कि किसी तरह पूर्व क्षेत्र से अपने लिए समर्थन जुटाकर अध्यक्ष पद के लिए एक बार फिर दावा ठोका जाए, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा।
वहीं यह भी कहा जा रहा है कि श्रीनिवासन अपने खास झारखंड के अमिताभ चौधरी को होड़ में उतार सकते हैं। सूत्र यहां तक बताते हैं कि कुछ तृणमूल सांसदों ने डालमिया के निधन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सुझाव दिया है कि सौरव गांगुली को बोर्ड अध्यक्ष बनाने की कोशिश की जाए। इसके लिए गांगुली को कैब अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ाया जाए लेकिन यह उतना आसान नहीं है। गांगुली को जीत के लिए वोट जुटाना आसान नहीं होगा। इस सारे खेल में निगाहें केंद्र सरकार पर भी हैं। सरकार जिस ओर उंगली घुमाएगी उसका भी काफी फर्क पड़ेगा।
औरों को रोशनी दे गए डालमिया
दिवंगत क्रिकेट प्रशासक जगमोहन डालमिया की आखें उनकी इच्छानुसार वनमुक्त आई बैंक को दान दे दी गईं। वनमुक्त आई बैंक सुश्रुत आई फाउंडेशन और रिसर्च सेंटर कोलकाता की शाखा है। डालमिया ने अधंत्व का नाश के सामाजिक कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसकी थीम में ‘क्रिकेट फॉर लाइफ बियोंड डेथ’ और ‘चांस ऑफ सेकंड इनिंग’ शामिल है। इसके अलावा भारतीय वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली ने बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के निधन पर शोक जताया। उनके परिवार में पत्नी चंद्रलेखा, बेटी वैशाली और बेटा अभिषेक है। डालमिया के निधन से क्रिकेट जगत शोक में डूबा है।
धोनी और कोहली ने भी ट्वीट के जरिए उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इससे पहले सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, रोहित शर्मा, शिखर धवन सहित कई हस्तियों ने भी डालमिया के निधन पर शोक जताया।