पहले मैच में बड़ी पारी खेलने का मौका चूके
गुजरात टाइटंस ने साई सुदर्शन को 20 लाख के बेस प्राइस में खरीदा था। शुरुआत में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन उनकी राज्य की टीम के कप्तान विजय शंकर के बाहर होने पर सुदर्शन गुजरात के लिए खेले। पहले ही मैच में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया और 35 रन की पारी खेली, लेकिन बड़ा स्कोर बनाने का मौका चूक गए। कुछ मैच बाद उन्हें टीम से बाहर किया गया। बाद में उनकी वापसी हुई तो 65 रन की शानदार पारी खेली।
पिता हैं एथलीट मां बालीवॉल चैंपियन
साई सुदर्शन के पिता भारद्वाज एक एथलीट रहे हैं, जिन्होंने दक्षिण एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी मां उषा भारद्वाज वॉलीबॉल में राज्य स्तर पर तमिलनाडु की खिलाड़ी रह चुकी हैं। सुदर्शन के माता-पिता ने हमेशा ही क्रिकेट में करियर बनाने में उनका समर्थन किया। सुदर्शन ने अब तक अपने माता-पिता को निराश नहीं किया है। घरेलू क्रिकेट में कमाल करने के बाद उन्होंने आईपीएल के चार मैचों में 43.67 की औसत और 127.18 की स्ट्राइक रेट से 131 रन बना लिए हैं।
सुदर्शन में बड़े स्तर तक जाने की क्षमता
छोटे स्तर पर साई सुदर्शन को कोचिंग देने वाले वेंकटारमन्ना का मानना है कि सुदर्शन के अंदर बड़े स्तर कर जाने की क्षमता है। उनके पास कई तरह के स्टोक हैं और वो एक खिलाड़ी के रूप में लगातार मेहनत करके आगे बढ़ना जानते हैं। एक बार क्रीज पर जमने के बाद उनके अंदर बड़ी पारी खेलने की क्षमता है। यही सारी खूबियां उन्हें बड़ी खिलाड़ी बनाती हैं।